भाजपा के आरोपों से व्यथित होकर लंबी छुट्टी पर गए राजस्थान के मुख्य सचिव सीके मैथ्यू की अर्जी पर फैसला चुनाव आयोग ने अब राज्य सरकार पर छोड़ दिया है।
चुनाव आयोग ने भाजपा के आरोपों को सही नहीं माना है। गौरतलब है कि दो दिन पूर्व भाजपा की ओर से मुख्य सचिव पर कांग्रेस के एजेंट के रूप में काम करने के आरोप लगाए गए थे।
इन आरोपों से व्यथित होकर मुख्य सचिव ने चुनाव बाद ही काम पर लौटने की मंशा से कार्मिक विभाग को लंबी छुट्टी की अर्जी दे दी थी। अर्जी देने के बाद से मैथ्यू दफ्तर नहीं आ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार राज्य सरकार ने एक पत्र लिखकर चुनाव आयोग से मुख्य सचिव की लंबी छुट्टी की अर्जी पर सुझाव मांगा था।
चुनाव आयोग ने राज्य सरकार को दिए जवाब में कहा है कि सरकार ही तय करे कि छुट्टी मंजूर की जाए या नहीं। आयोग ने सरकार से यह भी कहा है कि यदि वह मुख्य सचिव की छुट्टी मंजूर करती है, तो तीन अधिकारियों के नाम भेजे, जो इस पद को संभाल सकते हैं।
फिर चुनाव आयोग इन नामों में से एक को संबंधित पद का कार्यभार सौंपने का निर्णय करेगा। गौरतलब है कि भाजपा ने मुख्य सचिव और नगरीय विकास सचिव जीएस संधू पर आरोप लगाया था कि चुनाव के लिए दोनों कांग्रेस के लिए चंदा इकट्ठा करने में मदद कर रहे हैं।
मुख्य सचिव का कहना है कि साढ़े तीन दशकों से भी अधिक की सेवा के दौरान अब तक उन पर ऐसा आरोप नहीं लगा था।
उन्होंने दो महीने की छुट्टी की अर्जी देते हुए कहा है कि अगर अब वे चुनाव तक इस पद पर काम करेंगे तो उन पर लगातार शक किया जाएगा, इसलिए वह छुट्टी चाहते हैं। कांग्रेस ने मुख्य सचिव पर लगाए गए आरोप को भाजपा की हताशा करार दिया है।