बाड़मेर में एक पुजारी ने आत्महत्या कर ली। शव के पास से सुसाइड नोट मिला है। जिसमें पुजारी ने अपनी मौत की वजह एक समाज को बताया है। उन्होंने लिखा कि मैं चोर नहीं हूं। मरते समय झूठ नहीं बोल रहा हूं। मैं चोर नहीं हूं। समाज ने मुझे बदनाम कर दिया।
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार समदड़ी कस्बे के रघुनाथ महाराज और हिंगलाज माता मंदिर में सोमवार देर रात चोरी हो गई। मंदिर से सात किलो चांदी और दानपात्र से 10 हजार रुपये से अधिक चोर लेकर फरार हो गए। मंगलवार सुबह पुजारी भीमदास मंदिर पहुंचे तो चोरी का खुलासा हुआ।
भीमदास के छोटे भाई द्वारका दास ने समदड़ी थाने में रिपोर्ट दी है। जिसमें उसने बताया कि पहले पुजारी ने आरती की। कुछ देर बाद मंदिर परिसर में भीमदास ने फांसी का फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। इसके बाद दर्शन करने पहुंचे लोगों ने देखा। पुजारी के शव को नीचे उतारकर समदड़ी हॉस्पिटल लेकर गए। वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।