मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बेहतर पुलिसिंग को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिना किसी के दबाव में कानून का पालना होना चाहिए, ताकि अपराधियों में खौफ पैदा हो। पुलिसकर्मी थाने में आए फरियादी की संवेदनशील होकर मदद करें, ताकि उसे त्वरित न्याय मिल सके। मुख्यमंत्री गेहलोत मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पुलिस महानिरीक्षकों व जिला पुलिस अधीक्षकों की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
गहलोत ने कहा कि पुलिस महकमे का कार्य अत्यंत चुनौतीपूर्ण है और पुलिसकर्मियों से कई जिम्मेदारियां भी जुडी हुई हैं। ऐसे में उन्हें जिम्मेदारियों का निर्वहन संवेदनशीलता के साथ करना होगा। पुलिस की कार्य प्रणाली के बारे में आम जन की धारणा को बदलने और पुलिस का इकबाल कायम करने में जिला पुलिस अधीक्षकों की भूमिका काफी अहम है।
निचले स्तर तक कानून व्यवस्था की स्थिति को सुदृढ़ बनाने में एसपी अपनी सकारात्मक भूमिका का निर्वहन करें। जिलों में थाने और चौकी स्तर तक मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए और प्रो-एक्टिव पुलिसिंग से प्रभावी अपराध नियंत्रण हो। सीएम ने ठगी, ड्रग्स और नशीली दवाइयों के अवैध कारोबार, राजमार्गों पर बढ़ रहे अपराध व विभिन्न गिरोहों द्वारा किए जा रहे संगठित अपराधों के मामलों में भी प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई जगह अपराधी किस्म के लोगों द्वारा अवैध नाके लगाकर वसूली करने की शिकायतें आई हैं, यह काफी गंभीर है। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लगे हैं। उन्होंने बजरी और अवैध खनन के मामलों में पुलिस की और सक्रियता की आवश्यकता जताई। गहलोत ने कहा कि संवेदनशील मामलों में मीडिया को वास्तविक स्थिति से तुरंत अवगत कराएं, ताकि अफवाहों से कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगडे़।
सीएम ने कहा कि पिछले कुछ सालों में पश्चिमी राजस्थान में क्रूड ऑयल निकलने, रिफाइनरी, सोलर पावर प्लांट और विंड एनर्जी इकाइयों की स्थापना के कारण औद्योगिक गतिविधियां काफी बढ़ी हैं। ऐसे में इन क्षेत्रों में उद्यमियों को किसी तरह की परेशानी नहीं आए, इसके लिए माफिया और आपराधिक घटनाओं पर विशेष नजर रखी जाए। पुलिस अधिकारी उद्यमियों के साथ बैठक कर कानून-व्यवस्था से संबंधित उनकी समस्याओं की जानकारी लेते रहें।