चित्तौड़गढ़ डीएसटी, साडास और बस्सी थाना पुलिस ने जॉइंट कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से खैर की लकड़ी की तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। साथ ही 3540 किलोग्राम अवैध खैर की लकड़ी सहित लोडिंग टेंपो को जब्त कर 5 आरोपी तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक राजन दुष्यंत ने बताया कि डीएसटी प्रभारी भवानी सिंह राजावत को सूचना मिली कि साडास थाना क्षेत्र में रघुनाथपुरा से करतीयास रोड पर एक लोडिंग टेंपो अवैध खैर की लकड़ी का ट्रांसपोर्ट करने वाला है।
सूचना मिलने पर साडास के पुलिस थाना अधिकारी सका राम को सूचित कर डीएसटी टीम मौके पर पहुंची। साथ ही थानाधिकारी साडास ने भी जाप्ते सहित रघुनाथपुरा से करतीयास आने वाली रोड पर पहुंच कर नाकाबंदी की। सूचना के मुताबिक एक लोडिंग टेंपो रघुनाथपुरा से करतीयास की तरफ आता हुआ दिखाई दिया, जिसमें चालक सहित 2 लोग सवार थे। जिसे पुलिस ने मुश्किल से घेरा देकर पकड़ा।
पुलिस ने जब लोडिंग टेंपो की तलाशी ली, तो टेम्पो में बिना लाइसेंस खैर की लकड़ी भरी हुई मिली। पुलिस ने खैर की अवैध लकड़ी का मौके पर वजन किया, तो कुल वजन 2500 किलोग्राम निकला हुआ। पुलिस ने खैर की गीली लकड़ी और लोडिंग टेंपो को जब्त कर टेंपो चालक पारसोली थाना के खेरपुरा निवासी छगनलाल कालबेलिया और उसके साथी खैरपुरा निवासी शंकर लाल कालबेलिया को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
इसी तरह जिला विशेष टीम की सूचना पर थाना बस्सी के हैडकानि गीता लाल मय जाप्ते और डीएसटी टीम ने बस्सी थाना के छापिया खेड़ी तलाई के पास 3 लोगों को पकड़ा। जिनमें भीलवाड़ा जिले के काछोला निवासी धन्ननाथ कालबेलिया, पारसोली थाना के खेरपुरा निवासी गणेश कालबेलिया और मध्य प्रदेश के अमोह जिले के बासनी निवासी गोविंद भील को खैर की लकड़ी को छीलते हुए मौके से गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 1040 किलोग्राम अवैध खैर की गीली लकड़ी को जब्त किया है।आरोपियों के खिलाफ पुलिस थाना साडास और बस्सी में फॉरेस्ट एक्ट औरचोरी की धाराओं में केस दर्ज कर इन्वेस्टिगेशन किया जा रहा है।