उन्होंने कहा, ‘वे इस तरह से हर चीज को पेश करते हैं जैसे ये सारी चीजें बीते लगभग पांच साल इनके कार्यकाल की उपलब्धियां हों। इस रूप में वह इन चीजों को देश के सामने पेश करते हैं। लेकिन इनकी पोल खुलती जा रही है। सभी जान चुके हैं कि ये जुमलेबाजी करते हैं। अपनी पांच साल की उपलब्धियों की बात ये करते नहीं हैं।’
गहलोत ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा न्यूनतम आय योजना (न्याय) की घोषणा से प्रधानमंत्री मोदी व भाजपा के लोग परेशान हैं और इसके बाद उन्होंने कांग्रेस पर हमले तेज कर दिए हैं और भ्रामक बयान दे रहे हैं, लेकिन, ‘कांग्रेस हमेशा ठोस काम करती है जो कहती है वह करती है, ये जुमलेबाजी करके जनता को गुमराह करने का काम नहीं करती।’
गहलोत के अनुसार, ‘इस योजना के माध्यम से गरीब की जेब में पैसा जाएगा और वह पैसा खर्च होगा। उसकी खरीद की क्षमता बढेगी। मनरेगा में भी ऐसा हुआ। खरीद की क्षमता बढने से आर्थिक गतिविधियां बढती हैं, लोग चीज खरीदते हैं। मांग बढ़ती है और मांग पूरी करने के लिए उत्पादन बढता है। इस तरह से विकास का चक्र घूमता है। लेकिन इन बातों से भाजपा वालों को कोई मतलब नहीं। उनको मतलब चुनाव जीतने से है।’
आगामी लोकसभा चुनाव को महत्वपूर्ण बताते हुए गहलोत ने कहा, ‘यह चुनाव लोकतंत्र और संविधान को बचाने का चुनाव है।’ भाजपा द्वारा अपने दो बड़े मुस्लिम नेताओं शाहनवाज हुसैन व मुख्तार अब्बास नकवी को टिकट नहीं दिए जाने पर गहलोत ने कहा, ‘शाहनवाज हुसैन व मुख्तार अब्बास नकवी को पार्टी छोड़ देनी चाहिए क्योंकि जब उन्हें मालूम है कि उनका टिकट इसलिए काटा गया है क्योंकि यह पूरे देश में यह संदेश दे रहे हैं कि हम लोग हिंदुत्व की, हिंदू राष्ट्र की व राष्ट्रप्रेम की बात कर रहे हैं। जैसे राष्ट्र प्रेम से केवल आरएसएस व भाजपा का ही संबंध है हमारा कोई संबंध नहीं है। इसलिए इन दोनों नेताओं ने जब देख लिया कि उनकी पार्टी की सोच क्या है तो उस पार्टी में बने रहने का तुक क्या है?’