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टोना-टोटका: एक महीने में 28 मौतें, घरों के बाहर टांगे जूते-चप्पल, बोले- इससे भागेगा कोरोना

Sat, 22 May 2021 08:11 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

कोरोना टीका उत्पादन कर भारत ने दुनिया में अपना नाम जरूर ऊंचा किया है, लेकिन देश के अंदर अंधविश्वास इस कदर भरा है कि मौत होने के बाद भी लोग इसे छोड़ नहीं रहे। राजस्थान में कोरोना से बचने के लिए घरों के बाहर जूते-चप्पल टांगे गए हैं। 
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कोरोना से बचने के लिए टोटका - फोटो : ग्रैब
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विस्तार
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देशभर में कोरोना की दूसरी लहर सितम ढा रही है। इससे बचने के लिए लोग कई हथकंडे अपना रहे हैं। कुछ लोग काला जादू का सहारा ले रहे हैं, तो कुछ अलग तरीके से बचने का प्रयास कर रहे हैं। राजस्थान के भीलवाड़ा में इस महामारी से बचने के लिए घरों के बाहर जूते-चप्पल लटका रखे हैं। भीलवाड़ा के दंतरा बांध गांव में लोगों ने कोरोना वायरस से बचने के लिए अपने घरों के बाहर जूते-चप्पल बांध रखे हैं साथ ही झोलाछाप डॉक्टरों के सहारे जी रहे हैं। 

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गांव में बीते 25 दिन के अंदर इन्फ्लूएंजा के कारण 28 लोगों की मौत हो चुकी। एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, गांव में एक झोलाछाप ने लोगों को चेतावनी दी कि कोरोनावायरस उनके पूर्वजों द्वारा की गई हत्याओं का बदला लेने के लिए आया है। 
  
लोगों ने उड़ाया मजाक- ग्रामीण
गांव के मोहन लाल खतीक का कहना है कि घर के बाहर जूते बांधने से वायरस घरों में घुसने से डरता है। जो लोग इसका मजाक उड़ा रहे थे, उनकी मौत हो गईं, लेकिन हम लोग इसके लगाने से बचे हुए हैं। पिछले एक महीने में खतीक के तीन रिश्तेदारों की मौत हो चुकी, हालांकि मौत के कारण का अभी तक पता नहीं चला है। खतीक का मानना है कि अगर ये लोग अपने घरों के बाहर इसे टांग देते तो यह दिन देखने को नहीं पड़ता। जब मैंने इसे टांगा तो इन्ही लोगों ने मजाक उड़ाना शुरू कर दिया पर हम इसे टांगे रखे । 

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