विश्व हिन्दू परिषद और शिव सेना के विरोध के बीच ख्वाजा साहब के 804वें उर्स में शिरकत करने के लिए शनिवार को पाकिस्तानी जायरीनों का जत्था राजस्थान के अजमेर पहुंचा। पाकिस्तानी श्रद्धालुओं की अजमेर यात्रा के विरोध के चलते इस जत्थे को गहन सुरक्षा में रखा जा रहा है।
जत्थे के जत्थे के प्रमुख और पंजाब प्रोवेंशन बैंक लाहौर के उपाध्यक्ष मोहम्मद जियाउल हुसैन ने कहा कि यह कहना गलत है कि आतंकी घटनाओं में पाकिस्तान का हाथ है।ये घटनाएं पूरी दुनिया में हो रही हैं। आतंक से पाकिस्तान को खुद बड़ा नुकसान हुआ है, जो सबसे सामने है। पाकिस्तान स्वयं दशहतगर्दी का शिकार है। इस कारण पाकिस्तानी हुकूमत आतंकियों की सरपस्ती नहीं करती। उनके अनुसार समझदारी इसमें है कि दोनों देश एक होकर उन लोगों को समाप्त करें, जो ऐसी हरकतें करते हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पाकिस्तान यात्रा पर उन्होंने कहा कि मिलने जुलने से माहौल खुशगवार रहता है। पाकिस्तानी जत्थे ने कहा कि वाघा बार्डर से अजमेर तक जनता ने स्वागत किया और हम भी मोहब्बत का पैगाम लेकर आए हैं। इससे पूर्व अजमेर स्टेशन पर पहुंचते ही हिंदुस्तान की धरती पर पाकिस्तानी जायरीनों ने सजदा किया। जत्था आठ दिन तक अजमेर रहेगा और 16 अप्रैल को वापस दिल्ली के लिए रवाना होगा। जत्थे में पाकिस्तान से 371 श्रद्धालु पहुंचे हैं।