अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर राजस्थान से एक अच्छी खबर सामने आई है। बाड़मेर-जैसलमेर की दो दुल्हनें वाघा बॉर्डर के जरिए भारत आ रही हैं। साल 2019 में जैसलमेर के बईया गांव के नेपाल सिंह और बाड़मेर जिले के गिराब क्षेत्र के महेंद्र सिंह की पाकिस्तान के अमरकोट और सिणोई में शादी हुई थी।
इन दोनों की बारात थार एक्सप्रेस से पाकिस्तान गई लेकिन भारत-पाकिस्तान के बीच रिश्तों में कड़वाहट और वीजा की मुश्किलों के चलते दोनों दुल्हनों को पाकिस्तान में रहना पड़ा। इन दोनों दुल्हनों के लिए लाने के लिए वाघा बॉर्डर पर उनके परिवार के लोग पहुच गए हैं।
ऐसा बताया जा रहा है कि वाघा बॉर्डर से महेंद्र सिंह की पत्नी छगनी, नेपाल सिंह की पत्नी कैलाश और उनकी सास मोर कंवर भारत आ रही हैं। बता दें कि बाड़मेर-जैसलमेर जिले का पाकिस्तान से रोटी-बेटी का रिश्ता है। यहां कई परिवारों की पाकिस्तान में रिश्तेदारी है। पुलवामा हमला और एयरस्ट्राइक के बाद दोनों देशों में तनाव का माहौल रहा, जिसकी वजह से इन परिवार के रिश्तों पर भी असर पड़ा।
क्या है पूरा मामला ?
बता दें कि बाड़मेर-जैसलमेर के दो युवाओं की साल 2019 में पाकिस्तान के सिंध में शादी हुई थी। महेंद्र सिंह की छगनी और नेपाल सिंह की कैलाश से शादी हुई थी। पुलवामा का हमला और एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तान उन्हें वीजा नहीं दे रहा था, जिसकी वजह से वो भारत नहीं आ पा रही थीं। हालांकि अब उनके भारत लौटने का रास्ता साफ हो गया है। ये दोनों दुल्हनें आज वाघा बॉर्डर के जरिए भारत वापस आ रही हैं।