आने वाले समय में टिड्डी दलों के हमले से बचने के लिए केंद्र सरकार का टिड्डी चेतावनी संगठन (एलडब्ल्यूओ) 25 ड्रोन का इस्तेमाल करेगा और 60 वाहन चालित कीटनाशक छिड़काव मशीनें खरीदेगा। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों को चिंता है कि अरब सागर से आने वाली मानसूनी हवाओं के साथ लाखों की संख्या में टिड्डियां भारत में प्रवेश कर सकती हैं और खरीफ की फसलों को बर्बाद कर सकती हैं।
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, फरीदाबाद स्थित एलडब्ल्यूओ के उप निदेशक केएल गुर्जर ने कहा, 'टिड्डियों का दल जून के अंत और जुलाई की शुरुआत में फिर से हमला कर सकता है। इस बात की पूरी संभावना है कि अरब सागर से उठने वाली मानसूनी हवाओं के साथ अफ्रीकी देशों से टिड्डी दल भारत की ओर आएंगे।' उन्होंने कहा कि गर्मी और बरसात का मौसम टिड्डियों के लिए अनुकूल रहता है।
बता दें कि पिछले महीने भारत में टिड्डियों ने हमला किया था और पहली बार ये राजस्थान के जयपुर पहुंच गई थीं। टिड्डी दलों ने कई सालों में सबसे खतरनाक हमले के साथ अभी तक राजस्थान, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के कई स्थानों तक पहुंची हैं। राजस्थान में टिड्डियां पाकिस्तान से पहुंची थीं और इसके बाद तेज हवाओं की मदद से पूरे राज्य में फैल गई थीं। ये टिड्डियां एक दिन में 150 किलोमीटर की रफ्तार से उड़ान भरती हैं।
गुर्जर ने कहा कि एलडब्ल्यूओ अपने स्तर पर पूरी तैयारियां कर रहा है। पहली बार, 25 ड्रोन की एक टीम को टिड्डी दलों का मुकाबला करने के लिए तैयार किया गया है। ये ड्रोन एक से दो दिन में तैयार हो जाएंगे। इनका इस्तेमाल कीटनाशक छिड़कने के लिए किया जाएगा। इसके अलावा संगठन ने 60 वाहन चालित स्प्रेयर मशीन खरीदने का फैसला किया है। ये मशीनें इस महीने के अंत तक मिल जाएंगी।