प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने साफ किया है कि पाकिस्तान को लेकर भारत के मौजूदा सख्त तेवरों में कोई ढील नहीं दी जाएगी। एलओसी पर भारतीय सैनिक का सिर काटने की पाक सेना की बर्बर करतूत पर कांग्रेस के जयपुर चिंतन शिविर में चर्चा के दौरान पीएम ने दो टूक कहा है कि पाकिस्तान के साथ रिश्ते देशहित की कीमत पर मंजूर नहीं हैं।
उच्चपदस्थ विश्वस्त सूत्रों के अनुसार पीएम ने शिविर में विदेश नीति से संबंधित समूह की चर्चा के दौरान सरकार की पाक को लेकर ताजा आक्रामक कूटनीति में ढील नहीं लाने की बात कही। उन्होंने कहा कि पाक के साथ बेशक हम बेहतर रिश्ते बनाना चाहते हैं, लेकिन राष्ट्र हित की कीमत पर नहीं।
सूत्रों के अनुसार चर्चा के दौरान जवानों से बर्बरता पर देश के आक्रोश को देखते हुए अधिकांश लोगों ने पाक के साथ कड़ाई से पेश आने की राय जाहिर की। वहीं, डीजल को नियंत्रण मुक्त करने और सब्सिडी घटाने के सरकार के फैसले पर कांग्रेस के भीतर विरोध खड़ा हो गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और केरल कांग्रेस के अध्यक्ष रमेश चेन्नीथला समेत कई नेताओं ने चिंतन शिविर के पहले दिन डीजल मूल्यवृद्धि वापस लेने की मांग उठाई।
कांग्रेस के 2014 की सत्ता की सियासत को दिशा देने के लिए शुक्रवार से शुरू चिंतन शिविर के पांच अलग-अलग समूह चर्चाओं के दौरान ये तमाम राय सामने आईं। सूत्रों के अनुसार आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों की समूह चर्चा के दौरान यूपीए सरकार के डीजल को नियंत्रण मुक्त कर कीमतें बढ़ाने के फैसले पर सवाल उठाया गया।
चेन्नीथला समेत केरल ही नहीं कुछ और प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने सब्सिडी का बोझ घटाने के नाम पर इस वृद्धि की मुखालफत की। उनका कहना था कि अर्थव्यवस्था को तेज रफ्तार देने के लिए सामाजिक सरोकारों के दायित्व को नहीं छोड़ा जा सकता। सूत्रों के अनुसार रसोई गैस सिलेंडर सब्सिडी को भी इस दायरे से बाहर नहीं रखने और इसकी सीमा 12 तक बढ़ाने की भी मांग उठी है।
साथ ही शिविर में शहरी मध्यम वर्ग और कांग्रेस के बीच की बढ़ती दूरियों को मुश्किल राजनीतिक चुनौती आंकते हुए पार्टी को आधुनिक हाईटेक अवतार में लाने की वकालत की गई। इसके लिए टिव्टर, फेसबुक, यू-ट्यूब से लेकर सीधे संवाद के तमाम जरियों को अपनाने पर जोर दिया गया। इस दौरान दीपा दासमुंशी, अधीर रंजन चौधरी और लुजिनो फ्लेरियो सरीखे नेताओं ने इलेक्ट्रानिक मीडिया को लेकर काफी आक्रामक तेवर दिखाए। इनकी टिप्पणी थी कि बहुत सारे डिब्बे हो गए हैं इनको बंद करें।
वहीं, कुछ लोगों ने शहरी मध्यम वर्ग पर फोकस बढ़ाने के खिलाफ राय जाहिर की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का बुनियादी आधार ग्रामीण रहा है। इस पर कमलनाथ ने कहा कि हमारा मुख्य मकसद चुनाव जीतना होना चाहिए। इसलिए जब लठ से काम चले तो लठ और जब ठठ से काम चले तो उसका सहारा लेना चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने जहां दिल्ली गैंगरेप की घटना के परिप्रेक्ष्य में महिलाओं के सशक्तिकरण का एजेंडा हर घर से शुरू करने की बात कही। वहीं, राहुल गांधी ने पार्टी में अंदरूनी लोकतंत्र के सहारे पार्टी में युवा और काबिल नेतृत्व को विकसित करने की वकालत की।