वहीं पश्चिम बंगाल में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। बंगाल में वर्ष 2001 में एक अज्ञात बुखार की वजह से 45 लोगों की मौत हो गई थी। तब पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वेरोलाजी निपाह वायरस को उस बीमारी की वजह बताया था।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि वर्ष 2007 में इस वायरस के चलते नदिया जिले में पांच लोगों की मौत हो गई थी। वर्ष 2011 में पड़ोसी बांग्लादेश में इसी वायरस की वजह से सौ से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।
उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एक सेवानिवृत्त डॉक्टर एनबी देबनाथ का कहना है कि राज्य में निपाह वायरस पहले से मौजूद है। यह एक बेहद संक्रामक और खतरनाक बीमारी है।