राष्ट्रीय महिला आयोग ने बीकानेर में हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में आई मीडिया रिपोर्ट्स पर स्वत: संज्ञान लेते हुए राजस्थान के डीजीपी को मामले की त्वरित और तेजी से जांच सुनिश्चित करने को लेकर पत्र लिखा है।
बीकानेर में एक शादीशुदा महिला के साथ तीन आदमियों ने 15 मई को सामूहिक दुष्कर्म किया था। घटना के समय महिला जंगल में लकड़ियां बीनने के लिए गई हुई थी। तीनों आरोपी उसे एक सुनसान जगह ले गए और घटना को अंजाम दिया। यह बात पुलिस ने रविवार को बताई।
छत्तकगढ़ पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी संदीप कुमार ने कहा, यह कथित घटना 15 मई को घटित हुई और महिला अपने पति के साथ 18 मई की देर रात को शिकायत दर्ज करवाने के लिए पहुंची। पीड़िता से जब देर रात आने का कारण पूछा गया तो उसने कहा कि वह दुष्कर्म की शिकायत दर्ज करवाते समय किसी की नजर में नहीं आना चाहती।
कुमार ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दरज कर ली और उसका मेडिकल परीक्षण करवाया गया। इसके बाद तीनों आरोपियों आरिफ, दिनेश औपर बनवारी को सोमवार की रात गिरफ्तार कर लिया गया।
इससे पहले अलवर में पांच लोगों ने शादीशुदा महिला के पति सामने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। आरोपियों ने महिला के पति की बुरी तरह पिटाई की थी। इसके अलावा घटना का वीडियो भी बना लिया था। पुलिस पर घटना को दबाने के आरोप लगे थे। जब घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया उसके बाद पुलिस हरकत में आई और मामला दर्ज किया।
18 मई को अलवर पुलिस अधीक्षक पारिस अनिल देशमुख ने बताया था कि थानागाजी में हुई वारदात में आरोपियों हंसराज, इंद्रराज, महेश, अशोक, मुकेश और छोटेलाल के खिलाफ करीब पांच सौ पेज की चार्जशीट पेश की गई है। इनके खिलाफ अपहरण, मारपीट, छेड़छाड़, निर्वस्त्र करने, जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल, डकैती व सामूहिक दुष्कर्म और आईटी एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं।