पुलिया से नहीं गुजर पाते चार पहिया वाहन।
- फोटो : अमर उजाला
जालौर के नया नारणावास, नारणावास ,जागनाथ महादेव, धानपुर समेत कई गांवों के किसानों और ग्रामीणों के लिए संकरी पुलिया जी का जंजाल बनी हुई है। भागली सिंधलान ग्राम पंचायत और नारणावास ग्राम पंचायत ने द्वारा लाखों रुपये खर्च कर ग्रेवल मार्ग अपनी-अपनी सीमा तक बना रखे हैं, लेकिन इन मार्गों के बीच रेलवे पटरी होने के साथ छोटी पुलिया होने से बड़े वाहन नहीं निकल पा रहे हैं। ग्रामीण लंबे समय से इस पुलिया को बड़ा अंडर ब्रिज बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन रेलवे विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा हैं। जिससे ग्रामीणों को 10 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय कर अपने खेतों और गांवों में जाना पड़ता है।
सबसे अधिक धानपुर के किसान परेशान
धानपुर गांव की सीमा रेलवे पटरी के दूसरी ओर आई हुई हैं। ऐसे में काफी किसानों के खेत रेलवे पटरी के दूसरी ओर हैं। ऐसे में किसानों को ट्रेक्टर अपने खेतों में ले जाने के लिए 10 किलोमीटर अतिरिक्त सफर तय कर ले जाना पड़ता है। जिससे किसानों को डीजल अधिक खर्च करना पड़ता है और समय भी खराब हो रहा है।
ऐतिहासिक धार्मिक स्थल जागनाथ महादेव जाने में भी परेशानी
धानपुर सहित आधा दर्जन से अधिक गांवों के श्रद्धालुओं को जागनाथ महादेव मंदिर जाने में भी 12 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय कर जाना पड़ता हैं। अगर इस छोटे पुलिये को बड़ा बना दिया जाए तो श्रद्धालुओं को मंदिर जाने में भारी राहत मिलेगी।
रेलवे मंत्री को पत्र भेजकर बड़ी पुलिया अंडर ब्रिज बनाने का आग्रह करेंगे
जालौर विधायक जोगेश्वर गर्ग ने कहा- धानपुर, नया नारणावास सहित अन्य गांवों के लोगों की समस्या समाधान के लिए रेल मंत्री को पत्र भेज कर (HFL) हेचएफएल/1945 छोटे पुलिये को बड़ा पुलिया अंडर ब्रिज बनाने का आग्रह किया जाएगा।
नारणावास ग्राम पंचायत ने रेले मंत्री को ज्ञापन भेजा
जिला जालोर की सरपंच नारणावास जशोदा कंवर ने कहा- "नारणावास ग्राम पंचायत ने रेलवे मंत्री को ज्ञापन भेज कर नया नारणावास और धानपुर के बीच (HFL) हेचएफएल /1945 रेलवे के छोटी पुलिया को बड़ा अंडर ब्रिज बनाने की मांग की है। जिससे सैकड़ों किसानों को अपने खेतों में आने- जाने में और ग्रामीणों को एक दूसरे के गांवों जाने में आसानी होगी।