आरएलपी के प्रमुख हनुमान बेनीवाल
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राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के प्रमुख और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने भैराणा धाम मामले को लेकर राजस्थान सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि संत, सनातन और गौमाता के नाम पर सत्ता में आई सरकार अब संत समाज की आस्था और संघर्ष की अनदेखी कर रही है। बेनीवाल ने कहा कि जयपुर जिले में स्थित दादूपंथ की प्रमुख आस्था स्थली भैराणा धाम को प्रस्तावित रीको औद्योगिक क्षेत्र से बचाने के लिए संत समाज पिछले दो महीनों से आंदोलन कर रहा है। भीषण गर्मी के बावजूद संतजन धाम की पवित्रता और पर्यावरण संरक्षण के लिए संघर्षरत हैं।
संतों ने जयपुर कूच का निर्णय लिया
नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने बताया कि 27 मई को आरएलपी कार्यकर्ता और पदाधिकारी संत समाज के समर्थन में भैराणा धाम पहुंचे थे। इस दौरान आयोजित महापंचायत में प्रशासनिक अधिकारियों और संत समाज के बीच वार्ता हुई, लेकिन शुरुआत में सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद संतों ने जयपुर कूच का निर्णय लिया था। बेनीवाल के अनुसार, बाद में सरकार की ओर से दोबारा बातचीत की गई, जिसमें प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और संत समाज की संयुक्त समिति बनाने समेत कई बिंदुओं पर सहमति बनी। इसके बाद प्रस्तावित जयपुर कूच को स्थगित कर दिया गया।
सरकार की ओर से ठोस कार्रवाई शुरू नहीं हुई
आरएलपी प्रमुख ने आरोप लगाया कि समझौते के पांच दिन बीत जाने के बाद भी सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई शुरू नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक रूप से किए गए वादों को पूरा नहीं करना सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है। सांसद ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से समझौते के अनुरूप तत्काल कार्रवाई करने और संत समाज की भावनाओं का सम्मान करने की मांग की। उन्होंने कहा कि भैराणा धाम की पवित्रता और क्षेत्र के पर्यावरण की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
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बेनीवाल ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द कदम नहीं उठाए तो प्रदेशभर में ‘भैराणा धाम बचाओ आंदोलन’ चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने पर इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी दबाव या दमन से पीछे हटने वाली नहीं है।