नागौर के खींवसर से भाजपा विधायक रेवंतराम डांगा के गोपनीय पत्र लीक होने के मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉक्टर ज्योति मिर्धा बोलीं कि मैंने मीडिया में दिए गए इंटरव्यू पर कहीं पर भी नाम का जिक्र नहीं किया। उसके बावजूद गजेंद्र सिंह खींवसर और उनके सुपुत्र भड़क रहे, तो जाहिर सी बात है कि चोर की दाढ़ी में तिनका है। रही बात कि वह सबूत मांग रहे थे, तो पार्टी में डिसिप्लिन होता है। जिस प्लेटफॉर्म पर हमको सबूत देना था, उसको दे दिया।
ज्योति मिर्धा ने कहा कि खींवसर चुनाव में जो भावुक होकर स्टेटमेंट दिया, उसके पर्दे के पीछे की कहानी बहुत अलग है, रोचक कहानी है। उन्होंने कहा कि मंत्री जी ने एक स्टेटमेंट दिया कि मैं मंत्री पद प्रभु बड़े-बड़े काम कर रहा हूं। इस काम करने के लिए मेरे पास समय नहीं है तो मैं तो यही मंत्री जी से कहूंगी कि आप बड़े-बड़े काम कर रहे हो, कुछ उनको भी करें जिससे हमारी पार्टी के कार्यकर्ता और मजबूत होंगे।
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आखिर ज्योति मिर्धा ने कहा क्या था?
दरअसल, भाजपा नेत्री ज्योति मिर्धा और खींवसर विधायक रेवंतराम डांगा के वायरल गोपनीय पत्र का विवाद चल रहा है। इसे लेकर गजेंद्र सिंह खींवसर का कहना है कि ज्योति मिर्धा, डांगा के ऊपर आरोप लगा रही हैं। लेकिन मीडिया को दिए गए इंटरव्यू के दौरान मिर्धा ने किसी का नाम नहीं लिया और गजेंद्र सिंह खींवसर कह रहे हैं कि अगर गोपनीय पत्र मैंने वायरल किया है तो आप सबूत लाकर दीजिए।
इस पर ज्योति मिर्धा बोलीं कि हां यह बड़े अचंभे वाली बात है, जब मेरी मीडिया के सामने बात हुई थी तो मैंने किसी का नाम नहीं लिया। उसके बाद भी उनके सुपुत्र ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल की और उसके अंदर लिखा कि रोकोगे तो काफिला बन जाऊंगा। इससे यह तो एक ही बात दर्शा रहा है कि नाम ही नहीं लिया फिर भी भड़कना। यह तो यह लग रहा है कि चोर की दाढ़ी में तिनका है। तभी तो मेरे नाम लिए बिना ही वह मेरे से सबूत मांग रहे हैं, तो लोगों ने यह कयास लगा लिया होगा।
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उन्होंने आगे कहा कि रही बात वह अब सबूत मांग रहे हैं तो पार्टी का एक डिसिप्लिन होता है। वहां पर रखा जाता है। दो बातें हैं कि किसने इसको वायरल किया, एक तो यह बात है कि इस लेटर को वायरल किसने किया, दूसरा इस लेटर को वायरल करवाने में किसका हाथ है। इसमें पीछे जो राजनीति है, उसको हमने पार्टी के सामने रख दिया है। पार्टी के जिस प्लेटफॉर्म पर हमको बतानी थी, हमने वहां बात बता दी और वहां पर वह संतुष्ट है। अगर पार्टी हमें सबके सामने सबूत रखने के निर्देश देती हैं तो हम आपके सामने रख दूंगी।