नागौर की खींवसर थाना पुलिस ने करीब 13 महीने पुराने एक ब्लाइंड मर्डर केस का पर्दाफाश करते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने अपनी पत्नी की हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस की गहन जांच, तकनीकी साक्ष्यों और फोरेंसिक विश्लेषण के आधार पर पूरे मामले का खुलासा हो गया है।
मामले की जांच शुरू हुई तो हुए कई खुलासे
पुलिस के अनुसार, 9 अप्रैल 2025 को खींवसर थाना क्षेत्र में एक महिला के फंदे से लटके होने की सूचना मिली थी। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हुआ, लेकिन घटनास्थल की परिस्थितियों और कुछ संदिग्ध तथ्यों ने पुलिस को हत्या की आशंका की ओर संकेत दिया। इसके बाद मामले की विस्तृत जांच शुरू की गई।
विशेष टीम का गठन किया गया
जिला पुलिस अधीक्षक नागौर के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी और अन्य अधिकारियों की निगरानी में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, फोरेंसिक रिपोर्ट, घटनास्थल के वैज्ञानिक परीक्षण और विभिन्न लोगों से पूछताछ के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया।
आरोपी पति को पत्नी के चरित्र पर था संदेह
जांच में सामने आया कि आरोपी पति को अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह था और उसे अवैध संबंधों का शक था। इसी संदेह के चलते उसने 8 अप्रैल 2025 की रात पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी ने साड़ी की मदद से शव को छत के पंखे से लटका दिया, ताकि मामला आत्महत्या का लगे और पुलिस जांच को गुमराह किया जा सके। हालांकि पुलिस ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर मामले की हर कड़ी को जोड़ा और सच्चाई तक पहुंच गई।
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13 महीने बाद पुलिस ने किया खुलासा
करीब 13 महीने तक चले अनुसंधान के दौरान पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य एकत्र किए। इसके बाद आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर हत्या से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। खींवसर थाना पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है। मामले के खुलासे के बाद क्षेत्र में घटना चर्चा का विषय बनी हुई है।