नागौर जिले के मेड़ता रोड स्थित पोस्ट ऑफिस में हुए गबन घोटाले मामले में सीबीआई जोधपुर की टीम लोगों के बयान और साइन वेरिफिकेशन के लिए नागौर पहुंची है। गबन में नागौर डाक अधीक्षक ने मेड़ता रोड के उपडाकपाल अधीक्षक के खिलाफ जोधपुर सीबीआई में मामला दर्ज करवाया था।
मई 2024 में उजागर हुए नागौर पोस्ट ऑफिस घोटाले के मामले में जोधपुर से पहुंची सीबीआई टीम ने गबन हुए रुपयों के पीड़ित खाताधारकों से पूछताछ कर मामले की जांच शुरू कर दी है। आपको बता दें कि मेड़ता रोड पोस्ट ऑफिस में उप डाकपाल मेहरुदीन ने 2 अगस्त 2022 से 19 अप्रैल 2024 तक 27 खाताधारकों के कुल 62 लाख 22 हजार 44 रुपए का गबन कर लिया साथ ही 10 लाख 14 हजार रुपये की अस्थाई हेराफेरी की थी।
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मई 2024 में यह पूरा मामला उजागर हुआ, जिसमे कुल 72 लाख 36 हजार 44 रुपये गबन करने का मामला सामने आया। आरोपी मेड़ता रोड के उप डाकपाल मेहरूदीन ने खाताधारकों की ओर से जमा और निकासी की राशि की पासबुक में तो एंट्री कर दी लेकिन खाताधारकों के खाते में जमा राशि का कोई उल्लेख ही नहीं है। इतना ही नहीं उप डाकपाल ने फर्जी रुपए निकालने का रुपए निकालने का प्रपत्र तैयार कर राशि को गबन कर लिया।
पासबुक में पैसे जमा, खाते से गायब
आपको बता दें कि मई 2024 में मामला उजागर होने पर नागौर के डाक अधीक्षक ने जांच की तो सामने आया कि संदिग्ध लोकसेवक उप डाकपाल ने ब्याज की राशि जोड़कर जमा राशि को बढ़ा दिया था। इस तरह से उप डाकपाल मेहरुद्दीन सरकारी पैसे का स्थाई रूप से गलत तरीके से दुरुपयोग करता रहा। इस संबंध में डाक अधीक्षक नागौर रामावतार सोनी द्वारा जोधपुर सीबीआई में मामला दर्ज करवाया गया था।
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मामले को लेकर की जा रही जांच में आज जोधपुर एसीबी ब्रांच के इंस्पेक्टर मदनलाल बेनीवाल के नेतृत्व में सीबीआई टीम यहां पहुंची। सीबीआई के जांच अधिकारियों ने यहां 26 उपभोक्ताओं से पूछताछ कर और आरोपी सब पोस्टमास्टर मेहरूदीन के खिलाफ सबूत जुटाए। इसके बाद ही सभी सबूतों और गवाहों से मिली सूचना के आधार पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी।