नावां में नमक कारोबारी व भाजपा नेता जयपाल पूनिया की हत्या के बाद शहर में बंद का आह्वान किया गया है। मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग भी उठ रही है। जयपाल की हत्या के बाद शनिवार देर रात मृतक की पत्नी सरिता पूनिया ने 4 लोगों के खिलाफ केस दर्ज करवाया है। एफआईआर में राजस्थान सरकार के उप मुख्य सचेतक व नावां विधायक महेंद्र चौधरी का नाम भी शामिल है। साथ उनके भाई और साले को भी हत्या का आरोपी बनाया गया है। इससे मामले में राजनीतिक रंग ले लिया है।
जयपाल की हत्या के बाद केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सरकारा पर हमला बोला है। शेखावत ने ट्वीट कर लिखा, अब नावां शहर में खुलेआम फायरिंग हो गई। अपराधी जीत रहे हैं, पुलिस हार रही है। इसका कारण है, गहलोतजी ने पुलिस और इंटेलीजेंस को पक्ष-विपक्ष की जासूसी में लगा रखा है। एक तरफ अपराधी सार्वजनिक तौर पर अपने मामले निपटा रहे है। दूसरी ओर जनप्रतिनिधियों की निजता खतरे में हैं।
हनुमान बेनीवाल ने की सीबीआई जांच की मांग
बेनीवाल ने ट्वीट कर लिखा, मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्थान सरकार को जयपाल पुनिया हत्याकांड की जांच तत्काल सीबीबाई को दे देनी चाहिए, क्योंकि सत्ता पक्ष के विधायक और सीएम के करीबी व्यक्ति का नाम मुकदमे में आया है। ऐसे में राज्य सरकार की कोई भी एजेंसी मामले में निष्पक्ष जांच नहीं कर सकती है। मामले की जांच सीबीआई से ही करानी चाहिए।
नावां में पुलिस अधिकारियों का डेरा
भाजपा नेता की हत्या के बाद नावां में तनाव के हालात है। इसकी तरह का माहौल न बिगड़े इसलिए, पुलिस अधीक्षक राममूर्ति जोशी सहित नागौर पुलिस के आला अधिकारी नावां में डेरा डाले हुए हैं। उधर, हत्या के विरोध और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शहर में बंद का एलान किया गया है।
क्या है मामला?
जानकारी के अनुसार नावां में शनिवार दोपहर बोलेरो गाड़ी से आए बदमाशों ने नमक कारोबारी व भाजपा नेता जयपाल पूनिया पर फायरिंग कर दी। गंभीर हालात में उन्हें स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जयपुर रेफर कर दिया गया। रास्ते में उनकी मौत हो गई।