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Rajasthan: तनाव में प्रदेश का युवा, कर्नल राठौड़ बोले- कोचिंग बैन करने के बजाय छात्रहित में फैसले लें गहलोत

Tue, 29 Aug 2023 09:26 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

प्रदेश की कांग्रेस सरकार छात्रों को बेहतर वातावरण नहीं दे पा रही है। इसके बाद भी सीएम गहलोत असंवेदनशील बयान दे रहे हैं कि कि यदि पंखे से लटककर आत्महत्या होती है तो छात्रों के कमरे में स्प्रिंग के पंखे लगवाने चाहिए। सरकार के एक मंत्री कहते हैं कि कोचिंग इंस्टीट्यूट को बैन कर देना चाहिए। 
 
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सांसद कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान और कोटा में लगातार आत्महत्या कर रहे युवाओं को लेकर भाजपा प्रवक्ता और सासंद कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने जयपुर में प्रेसवार्ता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि राजस्थाम में एक साल में 5500 से ज्यादा आत्महत्या की घटनाएं चौंकाने वाली हैं। वहीं, कोटा में कोचिंग संस्थानों में पढ़ने वाले बच्चों का आंकड़ा और भी डराने वाला है। यहां आठ महीने में 24 छात्र खुदकुशी कर चुके हैं।

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इनमें से कई युवाओं ने बेरोजगारी और रीट परीक्षा का पेपर लीक होने के कारण आत्महत्या की है। प्रदेश में बेरोजगारी और कोचिंग संस्थानों के तनाव से युवा ये खतरनाक कदम उठा रहे हैं। 

कर्नल राठौड़ ने कहा कि राजस्थान को कांग्रेस सरकार ने लाचार बनाया है। जैसे, परिवार चलाने की जिम्मेदारी परिवार के मुखिया की होती है, उसी तरह प्रदेश चलाने की जिम्मेदारी उसके मुखिया सीएम गहलोत की है। राठौड़ ने कहा कि कोटा में हर साल 30 लाख से ज्यादा छात्र देशभर से पढ़ने आते हैं।
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पहले ये बचचे कोलंबिया, अमेरिका, इंग्लैड और अन्य देशों में उच्च शिक्षा के लिए जाते थे, लेकिन अब ये सुविधा कोटा में ही मिल रही है। लेकिन, प्रदेश की कांग्रेस सरकार छात्रों को बेहतर वातावरण नहीं दे पा रही है। इसके बाद भी सीएम गहलोत असंवेदनशील बयान दे रहे हैं कि कि यदि पंखे से लटककर आत्महत्या होती है तो छात्रों के कमरे में स्प्रिंग के पंखे लगवाने चाहिए। सरकार के एक मंत्री कहते हैं कि कोचिंग इंस्टीट्यूट को बैन कर देना चाहिए। 

कर्नल राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस के लोग इमरजेंसी वाले लोग हैं। इन्हें हर चीज पर बैन लगाना बड़ा आसान लगता है। कोई मंत्री कहता है कि हम इनको डंडे से ठीक कर देंगे। एक अन्य मंत्री कहते हैं कि ये सब मोबाइल फोन के चलते हो रहा है। अगर, मोबाइल से ये सब हो रहा है तो फिर गहलोत सरकार मुफ्त मोबाइल क्यो बांट रही है। उन्होंने कहा कि मैं सीएम गहलोत से कहना चाहूंगा कि आपसे युवाओं के बेहतर भविष्य की व्यवस्था नहीं हो पा रही तो अलग बात है, लेकिन कम से कम असंवेदनशील बयान देना बंद करें।

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