बीजेपी के राज्यसभा सांसद डॉ किरोड़ीलाल मीणा संसद की कार्यवाही के बाद जयपुर में धरना स्थल पहुंचे । गुरुवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान पर पलटवार करते हुए डॉ किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि खुद को गांधीवादी कहने वाले मुखिया जी को इस बात पर भी आपत्ति है कि मैं पेपर लीक के मामलों की सीबीआई जांच की मांग को लेकर छात्रों के साथ धरने पर क्यों बैठा हूं।
मुख्यमंत्री कार्रवाई की बजाय क्लीन चिट बांट रहे
किरोडीलाल ने कहा- पेपर लीक माफिया को बचाने की जिद में मुख्यमंत्री प्रदर्शन करने के लोकतांत्रिक अधिकार को भी छीन लेना चाहते हैं। मैंने रीट परीक्षा पेपर लीक में भी माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान के अध्यक्ष डीपी जारौली के खिलाफ भी पुख्ता सबूत दिए, लेकिन सरकार ने उन्हें बर्खास्त कर छोड़ दिया। एसओजी के अधिकारी मोहन पोसवाल के खिलाफ सबूत दिए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। पेपर लीक माफिया से सरकार की साठगांठ है। मुख्यमंत्री कार्रवाई की बजाय क्लीन चिट बांट रहे हैं।
CBI जांच ही एकमात्र विकल्प
सांसद किरोड़ीलाल बोले- पेपर लीक की तह तक जाने के लिए सीबीआई जांच ही एकमात्र विकल्प है, क्योंकि सरकार के मंत्री, विधायक और अधिकारी इसमें लिप्त हैं। इन्हें जानबूझकर पकड़ा नहीं जा रहा, क्योंकि ऐसा हुआ, तो सरकार की पोल खुल जाएगी। इस रवैये से आक्रोशित युवा हिसाब चुकता करने के लिए तैयार बैठे हैं।