बीजेपी के राज्यसभा सांसद किरोड़ीलाल मीणा ने कहा- मुझे 2008 में जबरदस्ती बीजेपी पार्टी से निकाया गया था। में एक विचारधारा से जुड़ा हूं। उस विचारधारा को मैं पहले भी नहीं छोड़ना चाहता था, अब भी नहीं छोड़ना चाहता। मेरे रग-रग में, कण-कण में आरएसएस, राष्ट्रभक्ति, समाजसेवा और बीजेपी के प्रति समर्पण का भाव है। इसलिए केवल पद के लिए मैं वहां जाऊं, कुछ पाने के लिए मैं जाऊं, ऐसा नहीं हो सकता।
जब पार्टी से निकाला,तो जनता ने संसद भेजा
सांसद किरोड़ीलाल बोले- जब मुझे बीजेपी पार्टी से निकाला गया, तो दौसा की जनता ने मुझे सांसद बनाकर संसद में भेज दिया। इसलिए वहां (आरएलपी पार्टी में) जाकर सांसद पद पाना या मंत्री बनना मेरा ध्येय नहीं है। क्षण-क्षण, कण-कण राष्ट्र के लिए समर्पित हो, राष्ट्र आगे बढ़े, सुदृढ़ समाज बने, दीन-हीन गरीबों की सेवा कर सकें, ये हमारी राजनीति का उद्देश्य है। पद के लालची व्यक्ति एक जगह हो सकते हैं, मैं इसके पक्ष में नहीं हूँ।
हनुमान बेनीवाल ने क्या ऑफर दिया था ?
RLP के राष्ट्रीय संयोजक और सांसद हनुमान बेनीवाल ने एक दिन पहले डॉ किरोड़ीलाल मीणा और सचिन पायलट को अपनी -अपनी पार्टी छोड़ने की सलाह दी थी। बेनीवाल ने जयपुर में प्रेसवार्ता के दौरान कहा था कि इन दोनों ही नेताओं का उनकी पार्टियों में कोई कद नहीं है। उन्हें कोई नहीं पूछता है।
इसलिए समय आ गया है कि उन्हें कांग्रेस और बीजेपी को छोड़ देना चाहिए। पायलट और किरोड़ीलाल को अब जनता के साथ सड़क पर उतरकर अलग झंडा थाम लेना चाहिए। आरएलपी का राजस्थान में जबरदस्त प्रभाव है। इसलिए अगर सचिन पायलट और किरोड़ीलाल मीणा अपने-अपने नए झंडे साथ लेकर आरएलपी का साथ दें, तो हम तीनों मिलकर राजस्थान में 140 सीटों पर जीत दर्ज करेंगे।