सांसद हनुमान बेनीवाल ने नागौर के विख्यात पशु मेले में पशु यातायात के लिए रेलमंत्री से ट्रेन का अनुरोध किया था। जिस पर रेलमंत्री ने सहमति भी दे दी थी। इसके बाद ट्रेन की व्यवस्था नहीं हो सकी, जिस पर सासंद हनुमान बेनीवाल भड़क गए और अधिकारियों और मंत्री पर आरोप लगाना शुरू कर दिया। सांसद ने रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव को ट्वीट कर कहा कि देश के पशुपालन मंत्री की मौजूदगी में आपने नागौर के पशु मेले में पशुओं के परिवहन के लिए विशेष ट्रेन संचालन की हां भर दी मगर ट्रेन शुरू नहीं हो पाई, क्या आप अपनी बात से मुकर गए या रेलवे के अधिकारी आपको जानते नहीं है?
सांसद बेनीवाल ने कहा कि 14 नवंबर 2022 को जयपुर में उत्तर पश्चिम रेलवे की जेआरयूसीसी की बैठक में बतौर सांसद और समिति के सदस्य उन्होंने नागौर के पशु मेले में ट्रेन संचालन की स्वीकृति को लेकर मुद्दा रखा। उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक को बैठक में पत्र देकर व व्यक्तिगत रूप से भी उन्हें अवगत करवाकर ट्रेन संचालन की स्वीकृति हेतु आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। इस पर 25 जनवरी 2023 को उतर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक ने जवाबी पत्र में नागौर स्टेशन पर पशुओं के लोडिंग और अनलोडिंग हेतु उचित प्लेटफार्म नहीं होने का हवाला दिया और 2018 के एक सर्कुलर की बात भी उसमें उल्लेखित की।
सांसद ने कहा किसी प्रकार की आपत्ति रेलवे को यदि थी तो उसे तत्काल ही बता देना चाहिए था, ताकि उसका समाधान निकालने के लिए पर्याप्त समय मिल जाता। रेलवे के स्तर भी जानबूझकर लेट लतीफी की और रेलवे के जोधपुर मंडल कार्यालय से लेकर उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्यालय तक कई अधिकारियों ने इसमें रेलवे बोर्ड और रेल मंत्रालय को भ्रमित करने का प्रयास किया ताकि ट्रेन का संचालन नहीं हो सके।
रकम लेने का आरोप
नागौर कलेक्टर, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक और रेलवे के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए सांसद ने कहा कि बैलों का परिवहन यदि ट्रेन से होता तो पशु व्यापारियों को मात्र 25 लाख तक ही किराया व्यय करना पड़ता। अब ट्रकों से परिवहन किया जाएगा। उसके लिए पशु व्यापारियों को एक करोड़ से अधिक किराया चुकाना पड़ेगा। जिला कलेक्टर नागौर ने भी इरादतन पूरे मामले की रिपोर्ट रेलवे को समय पर भेजने में लेटलतीफी की, क्योंकि कुछ ट्रक संचालकों से बड़ी रकम इसमें ली गई, जिसमें जिले के पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक, जिला कलेक्टर नागौर और रेलवे के कुछ अधिकारी भी शामिल हैं।
लोकसभा ने खारिज किए आरोप
लोकसभा में भी सांसद हनुमान बेनीवाल ने इस मुद्दे को उठाते हुए रेल मंत्री पर आरोप लगाए। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कुछ भी रिकार्ड में नहीं जाएगा। उन्होंने बेनीवाल की बात को नकार दिया।