बच्चे ने पूछताछ में बताया कि अदवार्षिक परीक्षा में 90% से अधिक मार्क्स लाने के लिए मां ने जोर दिया तो डर के कारण उसने घर छोड़ दिया था। कोचिंग के बाद वह बस में बैठकर भवानीमंडी पहुंचा। वहां से ट्रेन में बैठ कर धुआखेड़ी पहुंच गया।
राजस्थान की झालावाड़ पुलिस ने नाबालिग बच्चे को दो घंटे में तलाश कर लिया। बच्चे को मां ने अर्धवार्षिक परीक्षा में 90% मार्क्स लाने के लिए डांट लगाई थी। इससे डर कर बच्चा घर से भाग गया था। बच्चे के लापता होने पर परिजनों ने उसके अपहरण का केस दर्ज कराया था। जिसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई कर बच्चे को धुआखेड़ी रेलवे स्टेशन से डिटेन कर लिया।
विज्ञापन
एसपी ऋचा तोमर ने बताया कि सोमवार को गश्त के दौरान थाना अधिकारी सुनेल रमेश चंद्र को थाना इलाके के रहने वाले राकेश गुप्ता ने कॉल किया। उसने बताया कि उसका नाबालिक भतीजा कोचिंग गया था, अब तक घर वापस नहीं लौटा। उसे पता चला है कि उसके भतीजे को दो अज्ञात व्यक्ति उठाकर ले गए हैं। सूचना पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चिरंजीलाल मीणा और सीओ सुनील कुमार के सुपरविजन में बच्चे की तलाश के लिए टीम गठित की गई।
थाना अधिकारी रमेश चंद मीणा मय टीम ने एक्शन लेते हुए कोचिंग और बच्चे के दोस्तों से पूछताछ की। साथ ही सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी अनुसंधान द्वारा 2 घंटे में मध्य प्रदेश के धुआखेड़ी रेलवे स्टेशन से बच्चे को डिटेन कर लिया। बच्चे ने पूछताछ में बताया कि अदवार्षिक परीक्षा में 90% से अधिक मार्क्स लाने के लिए मां ने जोर दिया तो डर के कारण घर छोड़ दिया था।
विज्ञापन
कोचिंग के बाद वह बस में बैठकर भवानीमंडी पहुंचा। वहां से ट्रेन में बैठ कर धुआखेड़ी पहुंच गया। बच्चे से पूछताछ के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। एसपी तोमर ने आमजन से अपील की है कि किसी प्रकार की अफवाह ना फैलाएं, साथ ही अधिक मार्क्स के लिए बच्चे पर दबाव भी ना बनाएं।