राजस्थान में आज ताबदलों का आखिरी दिन है। ऐसे में आज शाम तक तबादलों की लंबी सूची जारी की जा सकती है। ट्रांसफर को लेकर गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को एक संदेश भी भेजा है, जिसमें विधायकों की मांग को प्राथमिकता देने की बात कही है, जबकि मंत्रियों को इससे दूर रहने की सलाह दी गई है।
दरअसल, राजस्थान सरकार बनने के बाद भाजपा की विचारधारा से सहमत अधिकारियों और कर्मचारियों को उम्मीद जगी थी कि अब उन्हें बेहतर जगह काम करने का मौका मिलेगा। लेकिन, भजनलाल सरकार के 50 दिन पूरे होने के बाद भी ज्यादा ट्रांसफर नहीं हुए, इस कारण उनके मन में निराश आ गई।
इसी बीच भजनलाल सरकार ने ट्रांसफर पर लगी रोक 10 फरवरी को 10 दिन के लिए हटा दी। बाद में 20 फरवरी को तबादलों की अवधि दो दिन और बढ़ा दी गई। यह जानकारी सामने आने के बाद तबादलों की आस में बैठे अधिकारी और कर्मचारी विधायकों और मंत्रियों के निवास के चक्कर लगाने लगे।
लेकिन, सूत्रों के अनुसार विधायक और मंत्रियों को तबादलों को लेकर पहले ही कुछ खास निर्देश दिए गए थे। जिसमें कहा गया था कि विधायक जिस कर्मचारी को हटाना चाहते हैं, सिर्फ उसी की डिजायर लिखेंगे, किसी कर्मचारी या अधिकारी की पोस्टिंग कराने के लिए वह डिजायर नहीं लिख सकेंगे।
ट्रांसफर को लेकर मिले निर्देश पर विधायकों में नाराजगी देखी गई, जिसके बाद यह मामला गृहमंत्री अमित शाह के पास पहुंचा गया। कहा गया कि नई सरकार बन गई है, लेकिन यह नजर नहीं आ रहा। कांग्रेस सरकार के शासन में लगे अधिकारी उन्हें विधायक नहीं मान रहे हैं। ऐसे में जनता के काम कैसे होंगे।
विधायकों से जानकारी मिलने के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि वह ट्रांसफर-पोस्टिंग में ज्यादा मेहनत न करें और न ही इसमें समय खराब करें। विधायकों की मांग को प्राथमिकता दी जाए। उनकी मांग के अनुसार विधायकों का काम किया जाए।