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Rajasthan: क्या राजस्थान का यह कॉलेज ड्रग्स-अय्याशी का अड्डा?, छात्रा की संदिग्ध मौत, FIR में गंभीर आरोप

Sat, 03 Sep 2022 10:27 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

हैरानी की बात तो यह है कि छात्रा की मौत की जांच के लिए परिजन थाने पहुंचे तो पुलिस ने केस दर्ज करने से ही इनकार कर दिया। जिससे परेशान होकर वह कोर्ट पहुंचे, आदेश के बाद अब पुलिस ने केस दर्ज किया है। परिजनों ने अपनी बेटी की हत्या का आरोप 9 लड़कियों समेत 19 लोगों पर लगाया है।  
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पुलिस ने केस दर्ज कर जांच की शुरू। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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राजस्थान के जयपुर जिले के चौमूं थाना इलाके में का एमजेएफ मेडिकल कॉलेज सवालों के घेरे में आ गया है। कॉलेज के छात्र-छात्राओं सहित कुछ अन्य लोगों पर गंभीर आरोप है। कहा जा रहा है कि कॉलेज में ड्रग्स सप्लाई किया जाता है। साथ ही यहां पढ़ने वाले कुछ छात्र-छात्राएं इसका इस्तेमाल भी करते हैं। 
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दरअसल, एमजेएफ मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाली थर्ड ईयर की छात्रा लक्ष्मी रावत की 19 अप्रैल को संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। बीते शुक्रवार की रात मृतका लक्ष्मी की बहन सुमन रावत ने ने चौमूं थाने में एक केस दर्ज करवाया है। पुलिस को दी अपनी रिपोर्ट में सुमन ने कॉलेज प्रशासन, छात्र और कुछ अन्य लोगों पर कॉलेज में ड्रग्स सप्लाई करने और अय्याशी करने के आरोप लगाए हैं।

हैरानी की बात तो यह है कि छात्रा की मौत की जांच के लिए परिजन थाने पहुंचे तो पुलिस ने केस दर्ज करने से ही इनकार कर दिया। जिससे परेशान होकर वह कोर्ट पहुंचे, अब इस्तगासे के जरिए केस दर्ज करवाया गया है। परिजनों ने अपनी बेटी की हत्या का आरोप 9 लड़कियों समेत 19 लोगों पर लगाया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। 
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पहले जानिए क्या है मामला?  
एमजेएफ मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाली थर्ड ईयर की छात्रा लक्ष्मी रावत निवासी सीकर की 19 अप्रैल को संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। कॉलेज परिसर में वह अचेत अवस्था में मिली थी। जिसके बाद उसे अस्पाताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। पुलिस छात्रा की मौत हो आत्महत्या मान रही थी, लेकिन परिवार वाले उसकी हत्या होने की बात कह रहे थे।

मृतका की बहन सुमन ने एफआईआर में बताया कि लक्ष्मी कुछ दिन पहले किसी काम से कॉलेज के हॉस्टल के बेसमेंट में गई थी। इस दौरान कॉलेज के कुछ छात्र-छात्राएं ड्रग्स ले रहे थे और अश्लील हरकतें भी कर रहे थे। यह सब देखकर वह वहां से वापस आने लगी, लेकिन ड्रग्स ले रहे कुछ लड़के-लड़कियों ने उसे देख लिया। इसके बाद से वह लक्ष्मी को किसी को कुछ भी नहीं बताने पर जान से मारने की धमकी देने लगी। 

मृतका लक्ष्मी ने इसकी जानकारी अपने परिजनों को दी तो उन्होंने उसे घर आने के लिए कह दिया। वह जल्द आने के लिए तैयार भी हो गई थी, लेकिन प्रैक्टिकल के नाम पर उसे नहीं आने दिया गया। इसके बाद लक्ष्मी ने 19 अप्रैल को घर आने का प्लान बनाया था। घर आने के लिए उसने तैयारी भी कर ली थी, लेकिन घर आने से पहले 19 को उसकी मौत हो गई।
  
मृतका के भाई और बहन ने लगाए यह आरोप
मृतका की बहन ने बताया कि लड़के-लड़कियों की हरकतें देखने के बाद से वह उसे टॉर्चर कर रहे थे। लक्ष्मी लगातार अपनी जांन को खतरा बता रही थी। मृतका के भाई का आरोप है कि ड्रग्स लेने वाले लड़के-लड़कियों ने तकिए मुंह दबाकर लक्ष्मी की हत्या की और फिर उसे छत से नीचे फेंक दिया। भाई ने कहा कि लक्ष्मी की मौत की सूचना के बाद हम कॉलेज पहुंचे। कॉलेज प्रबंधन से घटना स्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज दिखाने को कहा तो उन्होंने बताया कि कैमरा खराब है। मृतका के भाई का कहना है कि घटना से पहले 10 अप्रैल को कॉलेज में चोरी हुई थी उस समय सभी कैमरे सही थे।  

मृतका के भाई और बहन ने कॉलेज की 9 लड़कियों समेत 19 लोगों पर लक्ष्मी की हत्या का आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश के बाद चौमूं थाना पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की है। हालांकि, घटना का खुलासा कब हो पाएगा यह अभी कहा नहीं जा सकता। हालांकि, पुलिस छात्र-छात्राओं से पूछताछ करने की तैयारी कर रही है।  
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