कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन साैंपता प्रतिनिधिमंडल।
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माली सैनी शाक्य मार्य व कुशवाहा समाज के लोग तीन दिन से 12 प्रतिशत आरक्षण एवं अपने नेताओं की रिहाई की मांग को लेकर नेशनल हाईवे स्थित अरौंदा के पास रास्ते को जाम किए आंदोलनरत हैं। प्रशासन के लगातार उन्हें अपना आंदोलन समाप्त कर सरकार से वार्ता करने के लिए समझा रहा है। अब आंदोलनकारियों की मुख्य मांग है कि फुले आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक मुरारी लाल सैनी सहित सभी लोगों को छोड़ा जाए।
एडवाइजरी बोर्ड के बजाए लवकुश बोर्ड गठित किया जाए, जिसमें अध्यक्ष, मेंबर और डेवलपमेंट के लिए फंड हो, समाज के लिए 12 प्रतिशत आरक्षण दिया, क्योंकि प्रदेश में समाज की जनसंख्या 12 प्रतिशत से ज्यादा है। रोहिणी कमीशन के जरिए समाज का सर्वे करवाया जाए। प्रशासन की लगातार समझाइश के बाद देर शाम फुले आरक्षण संघर्ष समिति सह संयोजक पप्पू भाई प्रधान के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर से मिलकर अपनी बात रखी। जिला कलेक्टर ने उच्चाधिकारियों को प्रतिनिधिमंडल की बात रखने की बात कही है। अभी आंदोलनकारी आंदोलन पर बैठे हैं। रास्ता अभी भी जाम है। हालांकि प्रशासन और आंदोलनकारी दोनों चाहते हैं कि मामला सुलझ जाए।
मुख्यमंत्री से पप्पू सैनी की बात फोन पर होने के बाद दिया ज्ञापन
इस बारे में फुले आरक्षण संघर्ष समिति के सह संयोजक पप्पू सैनी का कहना है कि मुख्यमंत्री से बात हुई है। उन्होंने सरकार को 12 प्रतिशत आरक्षण की बात बता दी है। सरकार भी कानूनी दृष्टिकोण से वार्ता को तैयार है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से फोन पर वार्ता होने के बाद उन्हीं के कहने पर जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया है।