जयपुर में महंगाई राहत कैंप महापुरा के शुभारंभ के बाद सीएम अशोक गहलोत ने आरक्षण के मुद्दे को लेकर मीडियो से बात की। गहलोत ने कहा कि आंदोलनकारी हाइवे जाम ना करें, वे सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री टीकाराम जूली से बात करें, मैं खुद भी उनसे बात करने के लिए तैयार हूं।
बतादें कि माली-सैनी और कुशवाहा समाज द्वारा भरतपुर में आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन किया जा रहा है। प्रदर्शनकारी हाइवे जाम करने की बात कह रहे हैं, इसे लेकर गहलोत ने कहा कि आरक्षण के मुद्दे पर सरकार बातचीत करने के लिए तैयार है। सरकार किसी भी वर्ग के साथ अन्याय नहीं होने देगी और सभी को साथ लेकर चलना चाहती है।
इस दौरान सीएम अशोक गहलोत ने जातिगत आधार पर जनगणना को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि हमारे नेता राहुल गांधी भी कह रहे हैं कि जातिगत आधार पर जनगणना होनी चाहिए और जब भी संसद का सत्र बुलाया जाए इसमें जातिगत जनगणना पर चर्चा होनी चाहिए।
सीएम गहलोत ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मलिकार्जुन खरगे भी लगातार जातिगत आधार पर जनगणना की मांग कर रहे हैं। गहलोत ने कहा- अगर जातिगत जनगणना हो जाती है तो जातियों के अस्तित्व की जानकारी मिलेगी। मौजूदा हालत में सोशल सिक्योरिटी देश की जरूरत है। केंद्र सरकार को इस पर संसद में कानून बनाना चाहिए जिससे जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ मिल सके।
सीएम गहलोत ने कहा कि मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कहा था कि संसद में सोशल सिक्योरिटी एक्ट लाकर सामाजिक सुरक्षा देने का काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यूपीए की सरकार ने राइट टू एजुकेशन, राइट टू इनफार्मेशन, दो रुपए किलो गेहूं, और खाद्य सुरक्षा का कानून बनाया था। उसी का लाभ आज लोगों को मिल रहा है। सीएम गहलोत ने कहा कि विपक्ष सिर्फ सरकार पर दबाव बना सकता है। जनहित के मुद्दे पर केंद्र सरकार को हमारी बातें सुननी चाहिए।