फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajasthan Teachers Association: जयपुर में शहीद स्मारक पर शिक्षकों का एक दिवसीय सत्याग्रह, ये हैं मांगे

Mon, 24 Apr 2023 04:10 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान की राजधानी जयपुर में राजस्थान शिक्षक संघ की ओर से एक दिवसीय सत्याग्रह किया गया। शिक्षकों ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नाम ज्ञापन प्रेषित किया।
विज्ञापन
शिक्षकों का एक दिवसीय सत्याग्रह - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय की प्रत्येक जिला शाखा द्वारा शिक्षकों की 11 सूत्रीय ज्वलंत समस्याओं और संगठन के मांग पत्र में दी गई समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन प्रेषित किए गए। बावजूद सुनवाई नहीं किए जाने से शहीद स्मारक पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर अपनी वाजिब मांगों को सरकार के ध्यान में लाने के लिए संगठन के शिक्षकों ने सत्याग्रह प्रारम्भ किया।

विज्ञापन


संगठन के प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा ने संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षकों की वाजिब मांगों पर सरकार का उपेक्षित रवैया चल रहा है। 11 सूत्रीय वाजिब मांगों पर सकारात्मक समाधान नहीं किया जाता तो संगठन के शिक्षक सड़क से सदन तक धरना प्रदर्शन करेंगे, जिसका खामियाजा भुगतने को तैयार रहना होगा। संगठन के प्रदेशाध्यक्ष नवीन कुमार शर्मा ने कहा कि संगठन की 385 उपशाखाओं के जरिए क्षेत्रीय सांसदों और विधायकों को ज्ञापन सौंपा गया। बार-बार ज्ञापन और पत्र व्यवहार कर शिक्षकों की वाजिब समस्याओं से अवगत करवाया गया है। किंतु इसके बाद भी समस्याओं का सकारात्मक हल नहीं किया गया है, जिसके चलते राज्य का सम्पूर्ण शिक्षक समाज आक्रोशित है।

संगठन के प्रदेश सभाध्यक्ष अरविंद व्यास ने कहा कि कुम्भकरण निंद्रा से जागकर शिक्षकों की समस्याओं का समाधान किया जाए। अन्यथा आगामी समय में सम्पूर्ण प्रांत में शिक्षकों को सड़कों पर उतरने मजूबर होना पड़ेगा। आन्दोलन संघर्ष समिति के आयोजक एवं प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष संपतसिह ने चेतावनी देते हुए कहा कि जब-जब शिक्षक सड़कों पर उतरा है तब-तब राजसिंहासन डोला है। संगठन की प्रदेश अतिरिक्त महामंत्री रवि आचार्य ने कहा कि यह प्रतीत होता है कि राज्य का शिक्षा विभाग शिक्षकों की समस्याओं के प्रति गंभीर व संवेदनशील नहीं है।
विज्ञापन


अखिल भारतीय शैक्षिक महासंघ के राजस्थान क्षेत्र के संगठन मंत्री घनश्याम ने कहा कि संवेदनशील कहलाने के इच्छुक मुखिया ने सरकार के किसी भी अंग शिक्षकों की व्यथा पर संज्ञान नहीं लिया। वार्षिक बजट एवं मुख्यमंत्री के जवाब के समय पर भी शिक्षकों को निराश किया। संगठन के प्रदेश संगठन मंत्री प्रहलाद शर्मा ने बताया, संगठन ने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन के उपरांत मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार के नाम शासन सचिव को ज्ञापन सुपुर्द कर शिक्षकों की वाजिब समस्याओं से अवगत करवाया गया। धरने के संचालन संगठन के प्रदेश अतिरिक्त महामंत्री रवि आचार्य एवं प्रदेश मंत्री अरुण व्यास ने किया। इस अवसर पर संगठन के तकरीबन 800 शिक्षकों ने भाग लिया तथा डॉ. अरुणा शर्मा, चंद्रप्रकाश शर्मा, भंवर सिंह राठौड़, अमरजीत सिंह, योगेश शर्मा, ऋषीन चौबीसा, ओमप्रकाश विश्नोई, दीनदयाल शर्मा, कृष्ण कुमार सैनी, रमेश पुष्करणा, अभय सिंह राठौड़, रूपाराम खोजा और समस्त जिलाध्यक्ष व जिला मंत्री ने संबोधित किया।

ये हैं 11 सूत्रीय मांगे...

  • वेतन विसंगतियों के निराकरण के लिए गठित सावंत एवं खेमराज कमेटी की रिपोर्टों को तत्काल सार्वजनिक कर लागू किया जाए। समस्त शिक्षक संवर्गों की सभी वेतन विसंगतियों का तत्काल निवारण किया जाए।
  • समस्त राज्य कर्मचारियों को 8-16-24-32 वर्ष पर एसीपी का लाभ देकर पदोन्नति पद का वेतनमान प्रदान किया जाए।
  • NPS कार्मिकों के लिए लागू हुई पुरानी पेंशन योजना (OPS) की समस्त तकनीकी खामियां ठीक करते हुए NPS फंड की जमा राशि शिक्षकों को देने के साथ-साथ जीपीएफ 2004 के खाता नम्बर तत्काल जारी की जाए।
  • सम्पूर्ण सेवाकाल में परिवीक्षा अवधि केवल एक बार एक वर्ष के लिए हो तथा नियमित वेतन श्रृंखला में फिक्सेशन के समय परिवीक्षा अवधि को भी जोड़ा जाए।
  • शिक्षा विभाग में ऑनलाइन कार्यों पर निर्भरता को दृष्टिगोचर रखते हुए राज्य के समस्त शिक्षकों एवं संस्था प्रधानों को मासिक इंटरनेट भत्ता तथा एंड्राइड फोन उपलब्ध कराया जाए।
  • राज्य कार्मिकों को सेवानिवृत्ति के समय तीन सौ उपार्जित अवकाशों की सीमा समाप्त की जाए तथा सेवानिवृत्ति के पश्चात 65, 70 एवं 75 साल की आयु पूर्ण होने पर पेंशन में क्रमश: पांच, 10 और 15 प्रतिशत वृद्धि की जाए।
  • शिक्षा विभाग में की जा रही संविदा आधारित नियुक्ति प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए, नियमित भर्ती से ही पद भरे जाने की प्रक्रिया प्रारम्भ की जाए।
  • अध्यापक संवर्ग के स्थानान्तरणों पर तत्काल प्रतिबन्ध हटाया जाए। राज्य के शिक्षकों के स्पष्ट स्थानान्तरण नियम बनाए जाए और संस्कृत शिक्षा विभाग सहित शिक्षा विभाग में समस्त पदों पर नियमित वर्ष वार और नियमानुसार डीपीसी आयोजित की जाय। समय पर पदस्थापन किया जाए। प्रत्येक वेतन पदोन्नति पर कार्यग्रहण की तिथि से वित्तीय परिलाभ तथा वरिष्ठता प्रदान किया जाए।
  • BLO सहित समस्त प्रकार के गैर शैक्षणिक कार्यों से शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से मुक्त किया जाए। वर्तमान में जारी जनाधार अधिप्रमाणीकरण और डीबीटी योजना के लिए शिक्षकों एवं संस्था प्रधानों को जारी हो रहे अनावश्यक कारण बताओ नोटिस तत्काल प्रभाव से बन्द हों और जारी नोटिस वापस लिया जाए।
  • माध्यमिक शिक्षा में स्टाफिंग पैटर्न तत्काल लागू कर पदों का सृजन किया जाए तथा विद्यालयों में पद आवंटन में हिन्दी एवं अंग्रेजी माध्यम का विभेद समाप्त कर समान रूप से पद आवंटन प्रक्रिया अपनाई जाए।
  • माध्यमिक शिक्षा में अध्यापक संवर्ग की सीधी भर्ती की जाए तथा प्रारम्भिक शिक्षा से सेटअप परिवर्तन (6 डी तथा अन्य नियमान्तर्गत) अनिवार्य के स्थान पर स्वैच्छिक किया जाए।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें