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Rajasthan: दो से ज्यादा बच्चे होने पर मिलेगी 50 हजार की एफडी, जानें प्रदेश के इस समाज ने क्यों लिया ऐसा निर्णय

Wed, 15 Mar 2023 08:33 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

अखिल भारतीय माहेश्वरी सेवा सदन के अध्यक्ष रामकुमार भूतड़ा ने कहा कि टूटते संयुक्त परिवार और माहेश्वरी समाज की घटती आबादी हमारे लिए चिंता की बात है। ऐसे में हमने निर्णय लिया है कि समाज के किसी भी व्यक्ति के घर तीसरी-चौथी संतान होगी तो बच्चे के नाम 50 हजार की एफडी दी जाएगी।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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दो से ज्यादा बच्चे होने पर परिवार को 50 हजार रुपये की एफडी दी जाएगी। चौंकिए मत, ये घोषणा किसी सरकार ने नहीं, बल्कि राजस्थान में माहेश्वरी समाज ने की है।   

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इससे आठ साल पहले माहेश्वरी समाज ने तीसरी बेटी होने पर 50 हजार रुपये की एफडी कराने का निर्णय लिया था, जो अब तब जारी था। लेकिन, अब यह नियम बेटे का जन्म होने पर भी लागू कर दिया है। माहेश्वरी समाज के किसी दंपति को अगर तीसरी संतान होती है तो उसे 50 हजार रुपये की एफडी दी जाएगी। चौथी संतान होने पर भी ये एफडी कराई जाएगी। 

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मंगलवार को नागौर के मेड़ता दौरे पर आए अखिल भारतीय माहेश्वरी सेवा सदन के अध्यक्ष रामकुमार भूतड़ा ने यह घोषणा की थी। इस दौरान उन्होंने कहा कि टूटते संयुक्त परिवार और माहेश्वरी समाज की घटती आबादी हमारे लिए चुनौती है। ऐसे में हमने निर्णय लिया है कि समाज के किसी भी व्यक्ति के घर तीसरी-चौथी संतान होगी तो बच्चे के नाम उसी दिन 50 हजार की एफडी दे दी जाएगी।     

रामकुमार भूतड़ा ने कहा कि देश में  माहेश्वरी समाज के लोगों की आबादी एक करोड़ के आसपास है। संयुक्त परिवारों का टूटना समाज के लिए चिंता का विषय है। आज के समय में है छोटे परिवार हैं, इनके ज्यादातर युवा दो से अधिक संतान की उत्पत्ति में विश्वास कम करते हैं। 30 साल से अधिक उम्र में वे शादी करते हैं। लड़की अलग और लड़का अलग जगह काम करता है, ऐसे में इन्हें बच्चों का पालन-पोषण कठिन लगने लगता है। इसलिए ये एक-दो से अधिक बच्चों के बारे में नहीं सोचते हैं।  
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लेकिन, यहां संयुक्त परिवार की बहुत बड़ी भूमिका होती है और परिवार बहुत काम आता है। संयुक्त परिवार में इस तरह की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता, दादी, मां, चाची और भाभी सहित परिवार के अन्य लोग मिलकर बच्चों का पालन-पोषण आसानी से कर लेते हैं। ऐसे में संयुक्त परिवारों का टूटना हमारे समाज के लिए बड़ी चिंता है। हमें अपने संयुक्त परिवार को बचाकर रखना और इसी ओर कदम बढ़ाने होंगे।

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