अजमेर दरगाह के निजाम गेट के बाहर भड़काऊ भाषण देने वाले गौहर चिश्ती की रिमांड समाप्त होने के बाद शुक्रवार को उसे न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। जहां से उसको 14 दिन की न्यायिक हिरासत में हाई सिक्योरिटी जेल भेज दिया गया है।
अजमेर एडिशनल एसपी विकास सांगवान ने बताया कि गौहर चिश्ती से पूछताछ में उदयपुर में हुए कन्हैया लाल की हत्या का कोई लिंक सामने नहीं आया है, जबकि इस संबंध में चिश्ती से मनोवैज्ञानिक तरीके के साथ-साथ कई टीमों ने पूछताछ की। साथ ही बैंक ट्रांजेक्शन की भी गहनता से जांच की लेकिन कुछ नही पाया गया। सांगवान ने कहा कि भड़काऊ भाषण देने के बाद वह जयपुर से हैदराबाद भाग गया। यहीं नारा उदयपुर हत्याकांड के आरोपियों ने लगाए थे जिससे डर कर वह अजमेर से भाग गया था।
आपको बता दें कि पिछले 17 जून को गौहर चिश्ती ने दरगाह के मुख्य निजाम गेट के बाहर से नुपुर शर्मा के विरोध में नारे लगाए थे। जिसका वीडियो सामने आने के बाद 25 जून को दरगाह थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी थी। मुकदमा दर्ज होने के बाद से गौहर चिश्ती फरार था, जिसे 15 जुलाई को पुलिस ने हैदराबाद के तेलंगाना से गिरफ्तार किया था। उसके बाद पुलिस ने मजिस्ट्रेट के समक्ष गौहर चिश्ती को पेश किया था। यह 22 जुलाई तक पुलिस की रिमांड पर था। उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में हाई सिक्योरिटी जेल भेज दिया गया है।