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Rajasthan: ओम बिड़ला-पीयूष गोयल ने मेहंदीपुर बालाजी में सुनी भागवत कथा, इंटरनेशनल बिजनेस मीट को किया संबोधित

Sat, 28 Jan 2023 10:56 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला शनिवार को दौसा और जयपुर जिले के दौरे पर रहे। उनके साथ केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी मेहंदीपुर बालाजी में भागवत कथा सुनी। जयपुर में बिड़ला ने मसाला संघ की इंटरनेशनल बिजनेस मीट को संबोधित किया।
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मेहंदीपुर बालाजी में भागवत कथा में शामिल हुए ओम बिड़ला और पीयूष गोयल। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला और केंद्रीय वाणिज्य, उद्योग और कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की। बिरला और गोयल ने मंदिर परिसर में ही आयोजित श्रीमद भागवत कथा में भी भाग लिया।

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दोनों हेलीकॉप्टर से मेहंदीपुर बालाजी पहुंचे। यहां प्रबुद्धजन, सामाजिक कार्यकर्ता और आमजन ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

बालाजी के दर्शन कर बिरला ने देश की उन्नति और आमजन के कल्याण की कामना की। दोनों ने मंदिर परिसर में राधा-कृष्ण की नई प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा भी की। इसके बाद श्रीमद भागवत कथा सुनी। श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए स्पीकर बिरला ने कहा- भागवत कथा श्रवण का बड़ा महात्म्य है। भागवत कथा सुनने का अवसर भगवान की कृपा से मिलता है। भागवत में हमारी सभी कठिनाइयों और चुनौतियों का समाधान है। 

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एग्री इंडस्ट्रीज ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए बहुत फायदेमंद 
दौसा के बाद लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जयपुर पहुंचे। जहां राजस्थान एसोसिएशन ऑफ स्पाइसेस (राजस्थान मसाला संघ) की इंटरनेशनल बिजनेस मीट को सम्बोधित किया। बिरला ने कहा कि राजस्थान शौर्य, स्वाभिमान, साहस और संस्कृति के लिए जाना जाता है। राजस्थान की ख्याति में किसानों, व्यापारियों, व्यवसायियों और समाजसेवियों का प्रमुख योगदान है। 

बिरला ने कहा प्रदेश में बारिश कम होती है, लेकिन किसानों और व्यापारियों की मेहनत ने इस धरती को सींचा है।  लोगों की इस मेहनत और निष्ठा ने ही राजस्थान को समृद्ध किया है। उन्होंने आगे कहा कि राजस्थान की धरती को मरुधरा के रूप में जाना जाता है, लेकिन लोगों के परिश्रम के कारण ये धरती अन्नपूर्णा भी है। बिरला ने खुशी जताते हुए कहा कि आज राजस्थान के मसाले दुनिया में प्रसिद्ध हैं।

अफ्रीका, यूरोप, मिडल ईस्ट सभी क्षेत्रों में भारत के मसाले बहुत लोकप्रिय
लोकसभा अध्यक्ष ने बताया कि राजस्थान के अलग-अलग क्षेत्र विभिन्न मसालों के लिए जाने जाते हैं। विशेष रूप से कुछ मसाले  केवल राजस्थान में पाए जाते हैं। दुनिया के कई देशों की अपनी यात्राओं का जिक्र करते हुए बिरला बोले- हजारों सालों से भारत के मसाले दुनिया में प्रसिद्ध हैं। उन्होंने आगे कहा कि अफ्रीका, यूरोप, मिडल ईस्ट सभी क्षेत्रों में भारत के मसाले बहुत लोकप्रिय हैं। 

राजस्थान को मसाला उत्पादन का हब बनाने की जरूरत
एग्रीकल्चर सेक्टर को लेकर बिरला ने कहा-आज के दौर में किसान प्रगतिशील हैं। वो अधिक उत्पादन, वैल्यू एडिशन और प्रोसेसिंग के कारण विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं।  वैल्यू एडिशन के जरिए सभी एग्री प्रोडक्ट्स, विशेषकर मसालों और जड़ी बूटियों के उत्पादन में राजस्थान आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा एग्री इंडस्ट्रीज ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए बहुत फायदेमंद साबित हुई है। 
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बदलते वक्त में परंपरागत खेती के साथ-साथ जैविक खेती और प्राकृतिक खेती पर ज़ोर देना चाहिए। बिरला ने कहा कि आने वाले समय में राजस्थान को मसाला उत्पादन का हब बनाने की ज़रूरत है। एक्सपोर्ट और प्रोडक्शन कि दिशा में किसानों की मदद करने और जागरूकता बढ़ाने के लिए काम भी होना चाहिए। बिरला ने कहा कि फार्मर प्रोडक्शन ऑर्गनाइजेशन (एफपीओ) के जरिए किसान संगठित रूप से विकास के रास्ते से जुड़ें। उन्होंने उम्मीद जताई कि FPO के माध्यम से आने वाले समय में राजस्थान मसाला उद्योग में 50 प्रतिशत योगदान देगा।

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