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कोटपूतली-बहरोड़ में सभापति पद अनारक्षित: लॉटरी के बाद बढ़ी सियासी हलचल, टिकट के लिए दावेदार सक्रिय

Thu, 13 Aug 2026 04:39 PM IST
कोटपुतली ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटपूतली

सार

Rajasthan News: नगर निकाय चुनावों के लिए आरक्षण की लॉटरी के बाद कोटपूतली-बहरोड़ में राजनीतिक तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। दोनों नगर परिषदों में सभापति पद अनारक्षित रखा गया है। ऐसे में सभी वर्गों के संभावित दावेदारों की सक्रियता बढ़ने की संभावना है।
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कोटपूतली-बहरोड़ नगर परिषदों में पद अनारक्षित - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गुरुवार को नगर निकाय चुनावों के लिए अध्यक्ष, सभापति और महापौर पदों के आरक्षण की लॉटरी निकाली गई। इसके साथ ही कोटपूतली-बहरोड़ में निकाय चुनाव को लेकर सियासी तस्वीर भी काफी हद तक साफ हो गई है। कोटपूतली और बहरोड़ दोनों नगर परिषदों में सभापति पद अनारक्षित रखा गया है। इससे दोनों शहरों में सभापति पद के लिए अलग-अलग वर्गों से दावेदारी की संभावनाएं बढ़ गई हैं और राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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60 वार्ड, 95 हजार से ज्यादा मतदाता
कोटपूतली नगर परिषद में 60 वार्ड हैं और यहां कुल 95,426 मतदाता हैं। इनमें 50,154 पुरुष और 45,271 महिला मतदाता शामिल हैं। चुनाव के लिए 102 मतदान केंद्र निर्धारित हैं। नगर परिषद बनने के बाद पहली बार 60 वार्डों के आधार पर चुनाव होगा। पिछली बार कोटपूतली नगर पालिका में अध्यक्ष पद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित था। तब कांग्रेस का बोर्ड बना था और पुष्पा सैनी अध्यक्ष बनी थीं।

पिछली बार आरक्षण को लेकर रहा था भ्रम
पिछले चुनाव के दौरान सामान्य सीट को लेकर भी भ्रम की स्थिति देखने को मिली थी। कई लोग सामान्य सीट को सामान्य महिला सीट समझकर चुनावी तैयारियों में जुट गए थे, जिसके चलते महिला दावेदारों की संख्या भी बढ़ गई थी। इस बार सभापति पद अनारक्षित होने से ऐसी स्थिति नहीं है और अब सभी वर्गों के संभावित दावेदार मैदान में उतरने की तैयारी कर सकते हैं।
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बहरोड़ में भी खुला सभी वर्गों के लिए रास्ता
बहरोड़ नगर परिषद में 55 वार्ड हैं। यहां कुल 66,532 मतदाता हैं, जिनमें 34,152 पुरुष और 32,360 महिला मतदाता हैं। चुनाव के लिए 69 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। बहरोड़ में भी सभापति पद अनारक्षित होने से राजनीतिक दलों के भीतर संभावित चेहरों को लेकर मंथन शुरू होने की संभावना है।

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इन नगरपालिकाओं में अलग-अलग आरक्षण
वहीं जिले की अन्य नगरपालिकाओं में बानसूर और मांढण में अनारक्षित ओपन, बर्डोद, नारायणपुर और पावटा में अनारक्षित महिला, नीमराना में ओबीसी महिला, प्रागपुरा में अनारक्षित ओपन तथा विराटनगर में ओबीसी ओपन पद निर्धारित किया गया है। इनमें कई नगरपालिकाएं नई बनी हैं, इसलिए यहां पहली बार होने वाले चुनाव में नए राजनीतिक समीकरण देखने को मिल सकते हैं।
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अब टिकट वितरण पर टिकी नजर
आरक्षण की लॉटरी के बाद अब निगाहें टिकट वितरण पर हैं। कोटपूतली और बहरोड़ में सभापति पद अनारक्षित होने से आने वाले दिनों में दावेदारों की सक्रियता और राजनीतिक सरगर्मी बढ़ना तय माना जा रहा है।
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