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Kotputli-Behror News: 10 लाख की साइबर ठगी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, भिवाड़ी पुलिस की डिजिटल ट्रैकिंग से खुलासा

Sun, 22 Feb 2026 10:13 PM IST
कोटपुतली ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटपूतली-बहरोड़

सार

Kotputli-Behror News: भिवाड़ी पुलिस ने 10 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में तकनीकी जांच के बाद मध्यप्रदेश से आरोपी अनुज यादव को गिरफ्तार किया। फर्जी लिंक से ओटीपी लेकर राशि ट्रांसफर की गई थी। पुलिस ने सावधानी बरतने की अपील की।

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भिवाड़ी पुलिस की डिजिटल ट्रैकिंग से खुलासा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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साइबर फ्रॉड के बड़े मामले में जिला भिवाड़ी पुलिस ने त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए 10 लाख रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। तकनीकी साक्ष्यों और बैंक ट्रांजेक्शन की गहन पड़ताल के बाद आरोपी को मध्यप्रदेश से दबोचा गया।

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यह कार्रवाई , पुलिस अधीक्षक खैरथल-तिजारा (कार्यवाहक एसपी भिवाड़ी) एवं के निर्देशन तथा वृताधिकारी के सुपरविजन में थाना भिवाड़ी फैज तृतीय के थानाधिकारी दारासिंह के नेतृत्व में की गई।

पुलिस के अनुसार, परिवादी सुभाष (निवासी बनबन, भिवाड़ी) ने 2 अप्रैल 2023 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके कोटक महिंद्रा बैंक के चालू खाते से 10 लाख रुपये की अवैध निकासी हुई है। परिवादी ने बजाज फाइनेंस से ऋण लेने के लिए अपने दस्तावेज एक व्यक्ति को दिए थे। इसी दौरान आरोपी ने एक फर्जी लिंक भेजकर ओटीपी हासिल कर लिया और खाते से तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन में राशि पार कर दी।
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1 अप्रैल 2023 को पहले 5 लाख रुपये IMPS के माध्यम से, फिर 3 लाख और 2 लाख रुपये NEFT के जरिए कुल 10 लाख रुपये यूनियन बैंक के एक खाते में ट्रांसफर किए गए। जांच में सामने आया कि यह खाता अनुज यादव (23), निवासी रांझी, जिला जबलपुर (मध्यप्रदेश) का है।

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प्रकरण संख्या 102/2023 में धारा 379 आईपीसी एवं 66(सी) आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर पुलिस ने डिजिटल और तकनीकी संसाधनों के आधार पर बैंकिंग ट्रेल खंगाली। साक्ष्य मिलने पर आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जहां उसने लिंक भेजकर ओटीपी लेने और तीन किश्तों में 10 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करने की बात स्वीकार की।
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अपराध प्रमाणित होने पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। इस कार्रवाई में हेड कांस्टेबल बिरेन्द्र, कांस्टेबल शिवचरण और गोविंद की अहम भूमिका रही। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और किसी को भी ओटीपी साझा न करें, अन्यथा साइबर ठगी का शिकार हो सकते हैं।

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