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Rajasthan: कोटा में डेंगू पीड़ित महिला की मौत पर हंगामा, रेजिडेंट डॉक्टर्स ने किया कार्य बहिष्कार का एलान

Thu, 24 Nov 2022 01:30 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा

सार

राजस्थान में कोटा जिले के सरकारी अस्पताल में डेंगू पीड़ित महिला की मौत के बाद बुधवार रात जमकर उत्पात मचा। वहां मौजूद स्टाफ का आरोप है कि मृतक के परिजनों ने इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड में हंगामा किया तोड़फोड़ की और डॉक्टर्स के साथ मारपीट भी की।
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महिला की मौत पर हंगामा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोटा शहर के भीम सिंह जिला चिकित्सालय में बुधवार देर रात डेंगू सिंड्रोम से पीड़ित बोरखेड़ा निवासी महिला शाइस्ता परवीन की मौत हो जाने के बाद जोरदार हंगामा हो गया। मृतक महिला के पति जुबैर और उसके परिजनों ने महिला की मौत के बाद हॉस्पिटल में तोड़फोड़ कर दी। डॉक्टर्स और नर्सिंगकर्मियों के साथ मारपीट की।

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बता दें कि हंगामा इतना जोरदार था कि इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड में अफरा-तफरी मच गई। हॉस्पिटल स्टाफ को जहां जगह नजर आई, उसने भागकर खुद को बचाया। हंगामे के बाद सर्जरी और मेडिसिन विभाग के रेजिडेंट डोक्टर्स और नर्सिंग कर्मी एकत्रित हो गए और उन्होंने कार्य का बहिष्कार कर दिया।

हंगामे की सूचना जब हॉस्पिटल के आला अधिकारियों को दी गई तो मौके पर पुलिस का भारी भरकम लवाजमा पहुंचा। दस्ते में शामिल पुलिस उपाधीक्षक शंकर लाल मीणा और नयापुरा एसएचओ राजेंद्र कमांडो ने किसी तरह समझाइश करते हुए स्थिति को संभाला और हंगामे को शांत किया। हॉस्पिटल स्टाफ ने मृतक महिला के शव को परिजनों से लिखित में सुपुर्दगी ले लेने के बाद ही सौंपा। हंगामे से हालात इतने तनाव पूर्ण हो गए थे की वार्ड में भर्ती अन्य मरीजों और उनके तीमारदार भी सकते में आ गए।
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क्या कहना है रेजिडेंट डॉक्टर का...
कोटा रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉक्टर सुमेर गुर्जर ने बताया, डेंगू सिंड्रोम से पीड़ित महिला की ज्यादा हालत खराब थी। इस कारण से उसे आईसीयू में शिफ्ट किया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। महिला के मौत के बाद महिला के पति ने फोन कर अपने परिजनों और साथियों को हॉस्पिटल बुला लिया और करीब 30 से 40 आदमियों ने हॉस्पिटल में जमकर शोर शराबा किया। जो भी उनको डॉक्टर या नर्सिंग कर्मी लगा उसके साथ मारपीट की गई। उन पर कुर्सियां फेंकी गई हॉस्पिटल की संपति को तोड़फोड़ कर उसको नुकसान पहुंचाया। मेडिकल स्टाफ ने किसी तरह से भागकर, छुपकर अपनी जान बचाई। हॉस्पिटल के उच्चाधिकारियों को घटना की सूचना दी गई और पुलिस को बुलाया गया। इसके बाद सर्जरी और मेडिसिन के रेजिडेंट और नर्सिंग कर्मी एकत्रित हुए और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं तक कार्य का बहिष्कार कर दिया।

घटना करीब 12 बजे रात की...
तमाम घटनाक्रम देर रात 12 से 1 बजे के बीच का बताया जा रहा है। हॉस्पिटल प्रशासन उक्त घटना के बाद से सख्त नाराज है और आरोपियों की गिरफ्तारी पर अड़ा हुआ है। हॉस्पिटल प्रशासन की ओर से रेजिडेंट डॉक्टर एस यशवर्धन सोनी ने नयापुरा थाने में मामले का प्रकरण दर्ज करवाया है। दी गई रिपोर्ट में बताया गया है कि कार्यरत चिकित्सा स्टाफ रेजिडेंट डॉक्टर्स और नर्सिंग कर्मियों को मारा पीटा गया। सरकारी संपति को तोड़ा-फोड़ा गया और उसे नुकसान पहुंचाया गया। राजकीय कार्य में बाधा डाली गई। अब रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन का कहना है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, तब तक काम पर नहीं लौटेंगे।

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