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Kota News: प्रसूताओं की मौत पर प्रहलाद गुंजल के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन, बोले- जांच में हो रही लीपापोती

Thu, 14 May 2026 04:35 PM IST
कोटा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा

सार

कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज में प्रसूताओं की मौत को लेकर कांग्रेस आक्रामक हो गई है। पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने दवाइयों की सप्लाई और जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए सरकार को घेरा।
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प्रसूताओं की मौत पर पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल के नेतृत्व में कांग्रेस का प्रदर्शन
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विस्तार
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जिले में न्यू मेडिकल कॉलेज में चार प्रसूताओं की मौत और अन्य महिलाओं की तबीयत बिगड़ने का मामला राजनीतिक स्तर पर लगातार गर्म होता जा रहा है। एक ओर चिकित्सा विभाग ने लापरवाही के आरोप में कुछ कर्मचारियों और चिकित्सकों को निलंबित किया है, वहीं कांग्रेस ने जिम्मेदारों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

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इसी क्रम में बुधवार को पूर्व विधायक और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रहलाद गुंजल के नेतृत्व में न्यू मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी विंग के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया गया। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे, हालांकि पुलिस जाब्ते ने प्रदर्शनकारियों को अस्पताल परिसर के अंदर जाने से रोक दिया।

प्रदर्शन से पहले सड़क पर आमसभा का आयोजन भी किया गया, जिसमें कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ मौजूद रही। इस दौरान प्रहलाद गुंजल ने राज्य सरकार और चिकित्सा विभाग पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया और देर रात धरनास्थल पर बैठे परिजनों को समझाइश देकर हटाने का प्रयास किया गया।
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गुंजल ने कहा कि उन्होंने मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल से फोन पर बात की थी, जिस पर उन्हें बताया गया कि मामला चिकित्सा लापरवाही का नहीं बल्कि दवाइयों के रिएक्शन का हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि दवाइयों की सप्लाई में भाजपा नेताओं की हिस्सेदारी होने के कारण जांच पूरी तरह निष्पक्ष नहीं हो रही है।

पूर्व विधायक ने कहा कि लोग अस्पतालों में जीवन बचाने के लिए आते हैं लेकिन अब मरीज अपनी जान बचाने के लिए अस्पताल छोड़कर जा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि जिन महिलाओं की किडनी प्रभावित हुई है, उनके इलाज और किडनी ट्रांसप्लांट की व्यवस्था सरकार अपने खर्च पर कराए।
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गुंजल ने चिकित्सा विभाग की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि जिन चिकित्साकर्मियों की प्रत्यक्ष भूमिका नहीं थी, उन्हें निलंबित कर दिया गया, जबकि जिन लोगों ने ऑपरेशन किए, उनके खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। मामले को लेकर कांग्रेस ने निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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