कोटा में एक बार फिर से छात्र ने फांसी का फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। यूपी के महाराजगंज निवासी तनवीर खान एक वर्ष से कोटा के कुन्हाड़ी में रहकर सेल्फ स्टडी के माध्यम से नीट की तैयारी कर रहा था।
छात्र तनवीर अपने पिता और बहन के साथ रह रहा था। घटना के वक्त मृतक की बहन भी घर पर मौजूद थी। मृतक के पिता की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है। उसे लेकर उसके परिजन यूपी के महाराजगंज के लिए रवाना हो गए।
कुन्हाड़ी थानाधिकारी मुकेश मीणा ने बताया की यूपी के महाराजगंज जिले का निवासी तनवीर खान अपने पिता और बहन के साथ कुन्हाड़ी के कृष्णा विहार में पिछले एक साल से किराए के मकान रह था। तनवीर पिछले एक साल से सेल्फ स्टडी कर नीट की तैयारी कर रहा था। उसके पिता कोटा में ही एक कोचिंग में 11वीं और 12वीं के छात्रों को पढ़ाते हैं। बहन भी कोटा में ही रहकर पढ़ाई कर रही थी। तनवीर ने किसी भी कोचिंग संस्थान में एडमिशन नहीं लिया था।
एसएचओ मीणा ने बताया कि तनवीर 12वीं पास करने के बाद से ही नीट की तैयारी में जुट गया था। मृतक तनवीर के पिता मोहम्मद हुसैन कोटा में ही एक कोचिंग संस्थान में 11वीं और 12वीं के छात्रों को पढ़ाते थे। घटना के समय तनवीर अपनी बहन ताहिंदा के साथ घर पर था। तनवीर ने अपनी बहन ताहिंदा से कहा की वह कमरे में कपड़े बदलने जा रहा है। काफी देर के बाद भी तनवीर कमरे से बाहर नहीं आया। तब ताहिंदा ने कमरे में जाकर देखा दो तनवीर फंदे में लटका मिला। ताहिंदा ने तुरंत अपने पिता मोहम्मद हुसैन को फोन किया। उस वक्त मोहम्मद हुसैन कोचिंग में छात्रों को पढ़ा रहे थे। बेटे के बारे में फोन पर सूचना मिलने पर मोहम्मद हुसैन तुरंत कृष्णा विहार अपने घर पहुंचे इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
कुन्हाड़ी थाना पुलिस छात्र को लेकर हॉस्पिटल पहुंची, जहां पर ड्यूटी डॉक्टरों ने चेक करने के बाद मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सुपुर्द कर दिया। उसे लेकर परिजन महाराजगंज के लिए रवाना हो गए। मृतक तनवीर के पिता मोहम्मद हुसैन ने बताया कि तनवीर की तबीयत भी खराब चल रही थी। उसका इलाज चल रहा था, लेकिन ऐसा कुछ हो जाएगा इस बात का अंदाजा भी नहीं था।
पिता ने बताया कि पिछले कुछ समय में कोटा में कई कोचिंग छात्रों ने पढ़ाई के तनाव में आकर अपनी जान दे चुके हैं। इस माहौल को देखकर ही कुन्हाड़ी में आकर रहे। साथ ही शिक्षक जैसे पेशे होने के बाद भी अपने दोनों बच्चों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए कोटा लेकर आया। मुझे ऐसा भान भी नहीं था कि ऐस हो जाएगा।