राजस्थान के कोटा जिले में नेशनल हाईवे-52 पर दरा की नाल के पास अंडरपास निर्माण के दौरान बड़ा हादसा हो गया। यहां मिट्टी के नीचे दबने से रेलवे के दो अधिकारियों की मौत हो गई। दोनों अधिकारी अंडरपास निर्माण कार्य के दौरान निगरानी कर रहे थे। हादसा दरा की नाल में बनाए जा रहे दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक पर अंडरपास के पास हुआ। दोनों शवों को मोर्चरी में रखवाया गया है।
निरीक्षण के दौरान हुआ हादसा
रामगंजमंडी पुलिस उपाधीक्षक घनश्याम मीणा ने बताया कि रेलवे ट्रैक के नीचे बनाए जा रहे अंडरपास निर्माण कार्य का रेलवे अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया जा रहा था। इसी दौरान रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर पंकज कुमार झा और जूनियर इंजीनियर प्रभात सिंह मिट्टी के नीचे दब गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मशीनरी की मदद से दोनों अधिकारियों को मिट्टी से बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हादसे के बाद रेलवे मंडल में मचा हड़कंप
घटना के बाद रेलवे मंडल में हड़कंप मच गया। हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और वहां काम कर रहे मजदूरों से घटना की जानकारी ली। पुलिस और रेलवे प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुट गया है।
हादसे की जांच के आदेश
सीनियर डीसीएम सौरभ जैन ने बताया कि हादसे की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जिस स्थान पर हादसा हुआ है, वहां से गुजरने वाली ट्रेनों पर 10 किलोमीटर प्रति घंटे की गति सीमा लागू कर दी गई है। साथ ही ट्रेनों को रोक-रोककर और धीमी गति से निकालने के निर्देश दिए गए हैं।
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पुश ब्लॉक तकनीक से बन रहा था अंडरपास
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, दरा की नाल में अंडरपास निर्माण के लिए पुश ब्लॉक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इस तकनीक में तीन ब्लॉकों के जरिए अंडरपास तैयार किया जा रहा है। इन ब्लॉकों को रेलवे पटरी के नीचे स्थापित किया जा रहा था। दोनों इंजीनियर इसी कार्य की निगरानी और निरीक्षण के लिए मौके पर मौजूद थे।