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Kota: कैद से आजादी तक; मुकुंदरा के जंगल में लौटी बाघिन MT-7, अब खुद करेगी शिकार

Wed, 29 Apr 2026 09:44 AM IST
कोटा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा

सार

Kota: कोटा के मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में बाघिन MT-7 को लंबे समय बाद एंक्लोजर से निकालकर खुले जंगल में हार्ड रिलीज किया गया है। यह प्रदेश की पहली रिवाइल्ड बाघिन है, जिसे वन्यजीव कर्मियों ने शिकार करना सिखाया। एनटीसीए के निर्देश पर छोड़ी गई इस बाघिन की कैमरा ट्रैप और रेडियो टेलीमेट्री से निगरानी की जा रही है।
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एंक्लोजर से बाहर निकली बाघिन - फोटो : अमर उजाला
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राजस्थान के कोटा जिले में स्थित मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में बाघिन MT-7 को एंक्लोजर से हार्ड रिलीज कर दिया गया है। यह बाघिन पिछले करीब डेढ़ साल से एक छोटे एंक्लोजर में रह रही थी। इसे आजाद करने की मांग वन्यजीव प्रेमी लंबे समय से कर रहे थे। यह प्रदेश की पहली ‘रिवाइल्ड’ बाघिन है, जिसे वन्यजीव कर्मियों ने शिकार करना सिखाया है।

NTCA के निर्देश पर किया गया हार्ड रिलीज
मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन और फील्ड डायरेक्टर सुगनाराम जाट ने बताया कि NTCA (राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण) के निर्देश के बाद बाघिन को जंगल में छोड़ा गया है।

जंगल में पहुंचते ही शुरू हुआ प्राकृतिक व्यवहार
एंक्लोजर से बाहर निकलते ही बाघिन जंगल की ओर चली गई। इस दौरान उसकी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। अब तक के अवलोकन में बाघिन को सफलतापूर्वक शिकार करते हुए पाया गया है और उसे जंगल में रहने के लिए पूरी तरह अनुकूल माना गया है। बाघिन की निगरानी कैमरा ट्रैप और रेडियो टेलीमेट्री के माध्यम से की जा रही है, ताकि उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।

दोनों शावक हो गए थे अनाथ
सीसीएफ सुगनाराम जाट ने बताया कि वर्ष 2023 में ढाई महीने की उम्र में अनाथ होने पर एक नर और एक मादा शावक को आभेडा बायोलॉजिकल पार्क में शिफ्ट किया गया था। उनकी मां टी-114 की सवाई माधोपुर के रणथंभौर टाइगर रिजर्व में मृत्यु हो गई थी। इसके बाद नर शावक को बूंदी के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में और मादा शावक MT-7 को मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में स्थानांतरित किया गया।

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एंक्लोजर से खुले जंगल तक का सफर
यहां पहले उसे 5 हेक्टेयर और बाद में 21 हेक्टेयर के एंक्लोजर में रखा गया था, लेकिन अब उसे खुले जंगल में छोड़ दिया गया है।

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