अमर उजाला का चुनावी रथ सत्ता का संग्राम आज कोचिंग हब कोटा पहुंचा। सुबह चाय पर चर्चा के दौरान लोगों से शहर का मिजाज जानने के बाद अब दोपहर में युवाओं से बातचीत कर उनके मुद्दे जाने।
अच्छे पैकेज पर प्लेसमेंट नहीं मिलता
बी.टेक. की पढ़ाई कर रहे वीरम पारीक का कहना है कि उच्च शिक्षा लेने के बावजूद अच्छे पैकेज पर प्लेसमेंट उपलब्ध नहीं है। इसी कारण देश का युवा बाहर जाकर नौकरी करने का विचार रखता है। यदि यहीं पर अच्छे रोजगार के अवसर मिल जाएं तो यह समस्या खत्म हो जाएगी।
सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारा जाए
जितेंद्र गोस्वामी कहते हैं कि सरकारी स्कूल-कॉलेजों में शिक्षक मौजूद नहीं हैं और जो हैं वे सिर्फ टालमटोल करके सिलेबस करवाते हैं। जब सरकार छात्रों को सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ने के लिए प्रेरित कर रही है तो वहां शिक्षा के स्तर पर भी ध्यान दिया जाना जरूरी है। महिला सुरक्षा के लिए भी सरकार कोई खास कदम नहीं उठा पा रही है।
बेहतर रोजगार की कमी
बी.टेक. कम्प्यूटर साइंस के छात्र हर्षित प्रकाश पांडे का कहना है कि देश में जॉब अपॉर्च्यूनिटी कम हैं। कम्प्यूटर साइंस के क्षेत्र में सरकारी नौकरियों की कमी है, इसे दूर किया जाना चाहिए। तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की तरफ कदम बढ़ाने के बावजूद देश का मिडिल क्लास पिट रहा है। धीरज मेहता कहते हैं कि चुनावों के दौरान पार्टियां जो वादे करती हैं, इलेक्शन जीतते ही उन्हें भूला देती है। युवाओं के लिए जॉब कल्चर बढ़ाया जाना चाहिए।