रणथंभौर नेशनल पार्क को नए पेट्रोलिंग वाहन मिले हैं, साथ ही वन अफसरों का सम्मान किया गया है।
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राजस्थान के रणथंभौर नेशनल पार्क में वन्यजीवों के संरक्षण के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। इसी दिशा में एक कदम और बढ़ाया गया है। प्राणियों के संरक्षण में मदद के लिए पार्क में सात पैट्रोलिंग वाहनों की तैनाती की गई है। साथ ही छह वन अधिकारियों को सम्मानित किया गया है।
वर्ल्ड वाइल्डलाइफ डे के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम में एनिमल केयर ऑर्गनाइजेशन (टाको) की प्रिया अग्रवाल हेब्बार ने आईएफएस के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) और राजस्थान सरकार के चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन (सीडब्ल्यूएलडब्ल्यू) पवन कुमार उपाध्याय, व अन्य फॉरेस्ट अधिकारियों के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। रणथंभौर नेशनल पार्क ने टाको द्वारा पहले दिए गए 1 करोड़ रुपये के अनुदान का उपयोग इन सात वाहनों की खरीदारी में किया है। वन्यजीव संरक्षण के प्रति उनके उत्कृष्ट योगदान की सराहना करते हुए रणथंभौर नेशनल पार्क के छह वन अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया। प्रिया अग्रवाल हेब्बार ने कहा कि हम रणथंभौर नेशनल पार्क में महत्वपूर्ण संरक्षण प्रयासों में योगदान देकर खुश हैं। यह सात अति आधुनिक पेट्रोलिंग वाहन पार्क के अवैध शिकार रोधी उपायों और प्रतिक्रिया विधि को सुदृढ़ करने के हमारे दृढ़ समर्पण को दर्शाते हैं, जिसके माध्यम से इकोलॉजिकल संतुलन को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक पवन कुमार उपाध्याय ने कहा कि इन अत्याधुनिक पेट्रोलिंग वाहनों की तैनाती से हमारी निगरानी और अवैध शिकाररोधी उपायों में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी। इन सात पैट्रोलिंग वाहनों की तैनाती, रणथंभौर नेशनल पार्क में संरक्षण गतिविधियों को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और यह पार्क के वन्यजीव आबादी, जिसमें 88 बाघ भी शामिल हैं, की निगरानी व सुरक्षा में आवश्यक सहायता करेगा। बाघों के अलावा, रणथंभौर नेशनल पार्क वनस्पतियों और जीवों की समृद्ध विविधता से भरा हुआ है, जिसमें तेंदुओं से लेकर धारीदार लकड़बग्घों और स्लॉथ भालुओं तक कई जानवर शामिल हैं।