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Politics: ओम बिरला ने विकास कार्यों में पक्षपात नहीं करने की नसीहत देते हुए UDH मंत्री धारीवाल पर किया कटाक्ष

Thu, 23 Feb 2023 03:50 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा

सार

हाड़ौती के लाडले और देश की संसद की शान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अपने गृह क्षेत्र कोटा में यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल पर राजनीतिक कटाक्ष कर डाला। बिरला ने यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल का नाम लिए बगैर ही कहा कि मंत्री जी शहर में हो रहे विकास कार्यों में एक क्षेत्र विशेष के साथ पक्षपात कर रहे हैं।
 
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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल पर विकास कार्यों में पक्षपात नहीं करने की नसीहत देते हुए कहा, मंत्री जी को बिना किसी पक्षपात के पूरे शहर भर में नियोजित रूप से विकास कार्य करवाना चाहिए। बिरला ने कहा कि कुछ इलाकों में हजारों करोड़ के काम करवा दिए। जबकि आम जनता बिजली, पानी, सीवरेज और रोड जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है।

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बिरला ने कहा कि भारत सरकार द्वारा 100 शहरों को स्मार्ट बनाने के लिए योजना अमल में लाई थी। इसमें कोटा का भी चयन किया गया था। शहर में मूलभूत आवश्यकताओं के अभाव को दूर करना था, जिनमें पीने का पानी, सीवरेज, शहर से बाहर जाने वाली सड़कें और और बिजली के साथ रोजगार सृजन के साधन भी उपलब्ध करवाने थे। चंबल के किनारे पीने का पानी नहीं मिलता। इसके लिए 150 करोड़ की योजना बनाई गई थी। इस योजना को आते ही सरकार ने बदल दिया। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट बना तब कहा गया था कि लोगों कि मूलभूत आवश्यकता पीने के पानी की है। इस डीपीआर को बदल दिया गया।

लोकसभा स्पीकर ने कहा कि शहर के अंदर सीवरेज की समस्या है। इसके लिए समाधान के लिए योजना आई थी। लेकिन जहां समस्या नहीं थी, वहां समाधान का पैसा लगा दिया। इन सीवरेज की लाइनों को डालने में करप्शन हुआ। इस कारण से सीवरेज लाइन डालने के बाद भी इसका लाभ लोगों को नहीं मिला। लेकिन किसी ने भी इसकी चिंता नहीं की। इसके बाद फिर से प्लान बन गया, लेकिन दोबारा प्लान बनाने से पहले किसी भी जिम्मेदार पदाधिकारी ने इसकी चिंता नहीं की, कि पहले बनाई योजना का लाभ क्यों नहीं मिला। पहले डाली गई सीवरेज लाइन क्यों नहीं चली। इसकी जांच नहीं की गई, दोषी ठेकेदार और इंजीनियर के खिलाफ भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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शहर में हाउसिंग बोर्ड के पास डेवलपमेंट कोई विजन ही नहीं है। कई साल बाद शहर में हाउसिंग बोर्ड द्वारा इलाकों को बसाया गया, लेकिन विजन नहीं होने के कारण इन इलाकों में बरसात का पानी भर जाता है। पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। सड़कों को देखो तो सड़के ऐसी हैं कि एक गाड़ी आ जाए तो दूसरी निकल नहीं पाती है। शहर की 50 और 100 साल में क्या आबादी होगी? इस विजन के साथ शहर में सड़कों, सीवरेज, पानी, बिजली पार्क और अन्य सुविधाओं का डेवलपमेंट होना चाहिए।

बिरला ने इशारों-इशारों में कहा कि समय परिवर्तनशील है, समय बदलेगा। जल्द ही चुनाव आ रहे हैं और इस शहर का नियोजित विकास करवाया जाएगा। फिर किसी को नहीं कहना पड़ेगा की फला समस्या है। यूआईटी कालोनियां बना रही हैं, कई जगहों पर मल्टी स्टोरियां बनाई जा चुकी हैं और शहर भर में अधिकतर जगहों पर 4-5 मंजिला बिल्डिंग खड़ी हो चुकी हैं। लेकिन उनमें पेयजल की समस्या है। इतनी ऊंचाई पर महिलाएं कैसे पानी लेकर जाएंगी। एक विजन के तहत पूरे शहर भर में विकास करवाया जाएगा। हमारा लक्ष्य होगा कि जहां पर लोग रहते हैं, वहां पर मूलभूत सुविधाओं को पूरा किया जाए। अभी हालात ऐसी है कि जहां लोग नहीं रहते, वहां 200 फीट की रोड बनाई जा रही है।

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