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Rajasthan: कोटा में केमिकल प्लांट से गैस का रिसाव, दम घुटने से कई स्कूली बच्चे बेहोश; चारों तरफ मची अफरातफरी

Sat, 15 Feb 2025 04:52 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा

सार

कोटा में चंबल फर्टिलाइजर कंपनी की फैक्ट्री से छोड़ी गई अमोनिया गैस स्कूल तक पहुंच गई। जिससे स्कूली बच्चों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी, और वह बेहोश होकर स्कूल के ग्राउंड में गिरने लगे।
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दम घुटने लगा बच्चों का - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चंबल फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड (CFCL) की गड़ेपान प्लांट से आज सुबह अमोनिया गैस का रिसाव होने से सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालय के कई बच्चे प्रभावित हो गए। जहरीली गैस के संपर्क में आने से बच्चों को सांस लेने में तकलीफ हुई, उल्टियां होने लगीं और कई छात्र बेहोश होकर स्कूल के ग्राउंड में गिर पड़े।

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छात्रों की बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में भर्ती
गैस रिसाव के कारण आधा दर्जन से अधिक छात्रों की हालत बिगड़ गई। कई अभिभावक अपने बच्चों को कोटा जिला अस्पताल लेकर गए, जबकि कुछ बच्चों को CFCL प्लांट के अस्पताल में भर्ती कराया गया। CFCL अस्पताल के डॉक्टर आरके शर्मा के अनुसार, “हॉस्पिटल में 14 बच्चों और एक स्टाफ को लाया गया था। इनमें से 6 बच्चों को गंभीर हालत में कोटा जिला अस्पताल रेफर किया गया। हालांकि, अब सभी की हालत स्थिर है।

सुबह से ही महसूस हो रही थी अजीब गंध, प्रशासन रहा लापरवाह
स्थानीय लोगों और स्कूल प्रशासन के अनुसार, सुबह से ही स्कूल में अजीब गंध महसूस हो रही थी, जिससे बच्चों को सिर दर्द और घबराहट की शिकायत हो रही थी। लेकिन सूचना देने के बावजूद किसी ने गंभीरता नहीं दिखाई। जब स्थिति बिगड़ी और बच्चे बेहोश होने लगे, तब स्कूल प्रशासन ने तुरंत छुट्टी घोषित कर दी और राहत कार्य शुरू किया गया।
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फैक्टरी स्कूल की बाउंड्री से सटी, सुरक्षा पर उठे सवाल
गौरतलब है कि CFCL प्लांट का गेट स्कूल से 500 मीटर दूर है, लेकिन फैक्टरी स्कूल की बाउंड्री से सटी हुई है। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों ने इस घटना पर नाराजगी जताई है और प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

जांच के आदेश, लेकिन क्या मिलेंगे ठोस नतीजे?
घटना की जानकारी मिलते ही अधिकारियों को सूचित किया गया, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या इस बार भी सिर्फ जांच के आदेश देकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा, या फिर बच्चों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाएंगे।

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