सुनील साहू ने पैरा एथलेटिक में जीता सिल्वर
- फोटो : अमर उजाला
देश के लिए खेलना हर खिलाड़ी का सपना होता है। जब यह सपना पूरा होता है तो खिलाड़ी न केवल अपना बल्कि परिवार और देश का नाम भी रोशन करता है। ऐसे में यदि उसी खिलाड़ी के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़े, फिर भी वह हार न माने और देश के लिए मैडल जीतकर लौटे तो यह अपने आप में गर्व से भर देने वाला क्षण होता है। राजस्थान के कोटा जिले का एक ऐसा ही खिलाड़ी देश को गौरवान्वित कर रहा है।
कोटा के तलवंडी निवासी सुनील साहू इंटरनेशनल पैरा एथलीट हैं। सुनील ने पिता, भाई और बहन को खोने का गहरा दर्द झेला है। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपने सपनों को जिंदा रखा। सुनील के दोनों हाथ टूट चुके हैं और पैर में भी चोट है लेकिन चुनौतियों के बाद भी उन्होंने 11 गोल्ड समेत कुल 18 मैडल अपने नाम किए हैं। हाल ही में आयोजित सातवीं इंडियन ओपन पैरा एथलेटिक्स इंटरनेशनल चैंपियनशिप में सुनील ने लॉन्ग जंप में सिल्वर मैडल जीतकर भारत का मान बढ़ाया है। उनका सपना है कि वे देश के लिए गोल्ड मैडल जीतें।
ये भी पढ़ें: Rajasthan News: राजस्थान में बढ़ी सर्दी; न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे, सुबह-शाम ठिठुरन और दिन में सुहानी धूप
सुनील का सपना पहले आर्मी में जाने का था लेकिन परिवार में हुई लगातार त्रासदियों और खुद के घायल होने के कारण उनका यह सपना टूट गया। इसके बाद भी उन्होंने अपने लक्ष्य को बदलकर पैरा ओलंपिक में मैडल जीतने का फैसला किया। लंबा अंतराल होने के बावजूद उन्होंने दोबारा पढ़ाई शुरू की। उनकी मां मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करती हैं। सुनील ने 2018 में जिला स्तर पर गोल्ड मैडल जीता और 100 मीटर तथा 400 मीटर जंप में ऑल इंडिया फर्स्ट रैंक हासिल की है।
सुनील की इस उपलब्धि की पूरे देश में सराहना हो रही है। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस नेता सचिन पायलट सहित कई दिग्गज नेताओं ने उन्हें बधाई देते हुए सम्मानित किया है।