कोटा जिले में 'लुटेरी दुल्हन' गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। गिरोह पर लोगों को शादी का झांसा देकर लाखों रुपये ठगने का आरोप है। इस मामले में रामगंजमंडी थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो कथित दुल्हनों समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह अंतरराज्यीय गिरोह शादी के नाम पर लोगों से एक से दो लाख रुपये वसूलकर फर्जी विवाह कराता था। इस संबंध में रामगंजमंडी थाने में दो मामले दर्ज होने के बाद कार्रवाई की गई।
दो मामलों की जांच शुरू की गई
ग्रामीण पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में ऑपरेशन क्रिमिनल डस्टिंग के तहत अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान के दौरान रामगंजमंडी थाने में दर्ज दो मामलों की जांच शुरू की गई। पीड़ितों ने शिकायत में बताया कि कुछ लोगों ने उनसे एक से दो लाख रुपये लेकर शादी करवाई, लेकिन शादी के अगले ही दिन दुल्हन फरार हो गई।
गिरोह में दो महिलाएं भी शामिल थीं
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीमों का गठन किया और गिरोह के बारे में जानकारी जुटाई। जांच के दौरान पुलिस इस गिरोह तक पहुंची। पुलिस के अनुसार, गिरोह के मुख्य सदस्य दलाल की भूमिका निभाते थे। इनमें रामगंजमंडी और झारखंड के धनबाद के निवासी शामिल हैं, जो आपस में लगातार संपर्क में रहते थे। गिरोह में दो महिलाएं भी शामिल थीं, जिनके माध्यम से कुंवारे युवकों की शादी करवाई जाती थी और पीड़ित परिवारों से लाखों रुपये वसूले जाते थे।
जिन महिलाओं की शादी करवाई जाती थी
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि जिन महिलाओं की शादी करवाई जाती थी, वे पहले से ही शादीशुदा थीं। गिरोह से पूछताछ में यह भी पता चला कि ये महिलाएं शादी के अगले ही दिन गिरोह के अन्य सदस्यों के संपर्क में आकर फरार हो जाती थीं और बाद में ठगी की रकम आपस में बांट लेती थीं।
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एसपी ने बताया कि इस मामले में झारखंड निवासी लाली कुमारी, ज्योति कुमारी, पूनम बाग, रोहित बाग और सुधीर कुमार, झालावाड़ निवासी भूरालाल, मध्य प्रदेश के राजगढ़ निवासी सुरेश कुमार तथा बिहार निवासी रूपेश कुमार को गिरफ्तार किया गया है।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह मध्य प्रदेश, झालावाड़ और बूंदी जिले में भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम दे चुका है। पुलिस के अनुसार, गिरोह में एक पति-पत्नी भी शामिल हैं, जो वारदात के दौरान खुद को भाई-बहन बताकर लोगों का भरोसा जीतते थे। इसके बाद गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर कुंवारे युवकों को शादी के जाल में फंसाकर ठगी की वारदात को अंजाम देते थे।