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राजस्थान निकाय: कोटा नगर निगम के 173 निर्दलीय प्रत्याशियों को मिले चुनाव चिन्ह, अलमारी बनी पहली पसंद

Sat, 05 Sep 2026 02:20 PM IST
कोटा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा

सार

कोटा नगर निगम चुनाव में नामांकन वापसी के बाद 100 वार्डों के लिए मैदान में बचे 173 निर्दलीय प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिए गए हैं। इनमें सिलाई मशीन, बांसुरी, गुब्बारा, टेलीफोन, सेब और झाड़ू समेत कई चिन्ह शामिल हैं। 
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निर्दलीय उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह आवंटित - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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कोटा में नगर निगम चुनाव को लेकर नामांकन वापसी के बाद मैदान में खड़े निर्दलीय प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित हो गए हैं। रिटर्निंग अधिकारियों ने 100 वार्डों के लिए खड़े हुए 173 प्रत्याशियों को ये चिन्ह आवंटित किए हैं। इन चिन्हों में अलमारी, सेब, अंगूर, बिजली का खंभा, सिलाई मशीन, बांसुरी, गुब्बारा सहित अन्य दूसरे सिंबल शामिल हैं। वहीं, जिन वार्डों में दो या दो से अधिक निर्दलीय प्रत्याशियों ने एक ही चुनाव चिन्ह की मांग की, वहां लॉटरी सिस्टम के जरिए सिंबल का फैसला लिया गया। ऐसे में इन सिंबलों में कई निर्दलीय प्रत्याशियों ने अलमारी को ज्यादा पसंद किया है।
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सिलाई मशीन 19, बांसुरी 16 और गुब्बारा 13 प्रत्याशियों को
एडीएम विनोद मल्होत्रा ने बताया कि इन 100 वार्डों में 19 निर्दलीय प्रत्याशियों को सिलाई मशीन, 16 प्रत्याशियों को बांसुरी, 13 प्रत्याशियों को गुब्बारा, 12 को टेलीफोन, 8 प्रत्याशियों को सेब, 7 प्रत्याशियों को झाड़ू, 5-5 प्रत्याशियों को कैंची और बाल्टी, 5 प्रत्याशियों को नाव, 4 प्रत्याशियों को टॉफियां, 4 प्रत्याशियों को गैस-चूल्हा और 3 प्रत्याशियों को बिजली का खंभा मिला है। इसके अलावा अन्य प्रत्याशियों को ईंटें, पेंसिल डिब्बा, जबकि हाथगाड़ी, कोट, स्कूल बस्ता, मोतियों का हार, टेलीविजन और मिक्सी के चुनाव चिन्ह आवंटित हुए हैं। चुनाव विश्लेषकों के मुताबिक, घरेलू जीवन से जुड़े और आसानी से पहचाने जाने वाले प्रतीक निर्दलीयों की पहली पसंद होते हैं।

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पार्टी से बागी हुए प्रत्याशियों ने लगाए टिकट में भेदभाव के आरोप
पार्टी से बागी हुए कई निर्दलीय प्रत्याशियों का कहना है कि पार्टी के लिए कई वर्षों तक जमीनी स्तर पर काम किया, लेकिन पार्टी ने उनको दरकिनार कर चापलूसों को टिकट दिया है। इसलिए हमें निर्दलीय के तौर पर उतरना पड़ा है, ताकि चापलूसों को भी उनकी हकीकत पता लगे। कई प्रत्याशियों का यह भी कहना है कि कई वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशी पूरा समीकरण ही बिगाड़ देंगे। ऐसे में चुनाव कोई भी पार्टी जीते, लेकिन महापौर बनाने के लिए निर्दलीय उम्मीदवारों का साथ लेना ही पड़ेगा। वार्डों में कचरा, रोड लाइट, आवारा पशु और पार्कों की समस्याएं प्रमुख हैं। जीतने के बाद इन समस्याओं के समाधान के लिए काम किया जाएगा।
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