मौके से मिली दवाइयों में एंटीबायोटिक्स, कार्डियक, एंटी-फंगल, आई ड्रॉप्स, ईयर ड्रॉप्स, पेन किलर, क्रीम, लोशन, कफ सिरप और एनाल्जेसिक श्रेणी की दवाएं शामिल थीं। संस्था के कर्मचारी न तो दवा लाइसेंस दिखा सके और न ही खरीद के बिल प्रस्तुत कर सकें।
राजस्थान के बारां जिले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग बड़ी कार्रवाई करते हुए हंस फाउंडेशन के छबड़ा स्थित कार्यालय पर छापा मारा है। विभाग को बालाजी नगर स्थित एक मकान में बिना लाइसेंस दवाओं के भंडारण और बिक्री की लगातार शिकायत मिल रही थी।
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औषधि नियंत्रक राजाराम शर्मा और आयुक्त एच गुइटे के निर्देश पर विभाग की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि यह जगह हंस फाउंडेशन द्वारा किराए पर लिया गया है। इस पर कार्रवाई के दौरान एक मकान के प्रथम तल पर एक ताला बंद कमरे से बड़ी मात्रा में दवाएं मिलीं।
कार्रवाई के दौरान मौके से मिली दवाइयों में एंटीबायोटिक्स, कार्डियक, एंटी-फंगल, आई ड्रॉप्स, ईयर ड्रॉप्स, पेन किलर, क्रीम, लोशन, कफ सिरप और एनाल्जेसिक श्रेणी की दवाएं शामिल थीं। इतनी मात्रा में दवाएं सामने आने के बाद कागजों के बारे में जानकारी ली गई तो संस्था के कर्मचारी न तो दवा लाइसेंस दिखा सके और न ही खरीद के बिल प्रस्तुत कर सके, जिसके बाद टीम में मौजूद बारां जिले के ड्रग कंट्रोलर अधिकारी शिवकांत शर्मा ने जांच के लिए नमूना लिया है।
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वहीं, फॉर्म-16 के तहत जब्त की गई दवाओं की कीमत लगभग दो लाख रुपये आंकी गई है। विभाग का कहना है कि जब्त दवाओं को कोर्ट में प्रस्तुत कर आगे की जांच की जाएगी। जांच में ये भी सामने आया है कि हंस फाउंडेशन बारां के चिकित्सा विभाग के अंतर्गत चार से पांच मोबाइल मेडिकल यूनिट चलाता है। विभाग ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी बिना लाइसेंस दवा व्यापार में लिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जनता की जान के साथ खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। लगातार शिकायतें मिलने के बाद ऐसे संस्थानों के खिलाफ ठोस कदम उठाए जाएंगे।