कोटा में निकाय और पंचायत चुनाव से पहले कांग्रेस में इस्तीफों और नाराजगी से अंदरूनी कलह की चर्चा तेज है। हालांकि जिलाध्यक्ष राखी गौतम ने गुटबाजी से इनकार करते हुए कहा कि सभी मतभेद दूर किए जा रहे हैं और संगठन मजबूत है।
राजस्थान के कोटा जिले में निकाय और पंचायत चुनाव से पहले कांग्रेस की अंदरूनी कलह खुलकर सामने आने लगी है। शहर जिला कांग्रेस कमेटी में लगातार हो रहे इस्तीफों के बाद संगठन की स्थिति को लेकर बयानबाजी भी तेज हो गई है। इससे पार्टी में गुटबाजी की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है।
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इसी बीच शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष राखी गौतम ने सामने आकर स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में किसी तरह की गुटबाजी नहीं है और सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ता अपनी-अपनी जिम्मेदारियां पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इतने बड़े संगठन में छोटी-मोटी नाराजगी होना स्वाभाविक है, जिसे बातचीत के जरिए दूर किया जा रहा है।
इस्तीफों पर प्रतिक्रिया देते हुए राखी गौतम ने कहा कि कांग्रेस में सभी को अपनी बात रखने की स्वतंत्रता है। पार्टी में बिना किसी पद के भी कार्यकर्ता पूरी निष्ठा और सेवा भावना से काम करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी पदाधिकारी को किसी बात से नाराजगी है तो उसे भी दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। उनके अनुसार इस्तीफों का यह अर्थ नहीं है कि संगठन कमजोर हो रहा है, बल्कि यह दर्शाता है कि कार्यकर्ता पद से अधिक पार्टी और सेवा को महत्व देते हैं। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस में कोई गुटबाजी नहीं है और जो थोड़ी-बहुत नाराजगी थी, उसे भी सुलझा लिया गया है।
निकाय चुनाव में टिकट वितरण बड़ी चुनौती
कोटा में कांग्रेस के भीतर चल रही उठापटक अब किसी से छिपी नहीं है। ऐसे में निकाय चुनाव पार्टी के लिए बड़ी परीक्षा साबित हो सकते हैं। सबसे बड़ी चुनौती ऐसे उम्मीदवारों का चयन करना होगा जो चुनाव जीतने की क्षमता रखते हों। पिछले कुछ वर्षों से सामने आ रही गुटबाजी और असंतोष को देखते हुए टिकट वितरण कांग्रेस के लिए आसान नहीं रहेगा। चुनाव से पहले नाराज पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को मनाना तथा संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना पार्टी की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी।