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कोटा मॉल हादसा: आग बुझी लेकिन संकट नहीं, सात दिन की बंदी से कर्मचारियों की रोजी-रोटी पर संकट गहराया; जानें

Thu, 30 Apr 2026 04:36 PM IST
कोटा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा

सार

कोटा के सिटी मॉल में भीषण आग के बाद भारी नुकसान हुआ है। शॉर्ट सर्किट से लगी आग के कारण मॉल एक सप्ताह के लिए बंद है, जिससे दुकानदारों और कर्मचारियों पर आर्थिक संकट गहराने लगा है।

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सिटी मॉल अग्निकांड - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान के कोटा जिले में सिटी मॉल के दूसरे फ्लोर पर लगी आग के बाद अब कर्मचारियों पर आर्थिक संकट गहराने लगा है। हादसे के बाद मॉल के अंदर की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आई हैं, जिनसे आग की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है। तेज लपटों और गर्मी के कारण मॉल के अंदर काफी नुकसान हुआ है। कुछ दिन पहले तक कोचिंग स्टूडेंट्स और शहरवासियों से गुलजार रहने वाला सिटी मॉल अब सुनसान हो गया है और हर तरफ तबाही के निशान दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है, लेकिन एहतियातन मॉल को एक सप्ताह के लिए बंद कर दिया गया है।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी राकेश व्यास ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट सामने आया है। आशंका है कि हादसे से पहले एसी लाइन या इलेक्ट्रॉनिक पैनल में स्पार्किंग हुई, जिसके बाद आग भड़क उठी। जिस स्टोर में आग लगी, वहां बड़ी मात्रा में सामान भरा हुआ था, जिसमें प्लास्टिक और अन्य ज्वलनशील सामग्री शामिल थी। शॉर्ट सर्किट के बाद सबसे पहले प्लास्टिक ने आग पकड़ी और देखते ही देखते आग ने पूरे दूसरे फ्लोर को अपनी चपेट में ले लिया। वहीं, फॉल्स सीलिंग होने के कारण आग तेजी से फैल गई।

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सात दिन के लिए मॉल बंद, कर्मचारियों पर संकट
हादसे के बाद मॉल के अंदर चारों ओर जला हुआ सामान ही नजर आ रहा है। पूरी जांच और मरम्मत के बाद ही मॉल में पहले जैसी रौनक लौट पाएगी, जिसमें समय लग सकता है। इस बीच दुकानदारों और कर्मचारियों की चिंता बढ़ गई है। आग बुझाने के दौरान मॉल में पानी भर गया, जिससे दुकानों में रखे सामान को भी नुकसान पहुंचा है।कुछ दुकानदार अपनी दुकानें देखने पहुंचे, लेकिन सुरक्षा कारणों से उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। हालांकि, अंडरग्राउंड दुकानों के मालिकों को एक-एक करके अंदर जाने की अनुमति दी गई। मॉल के कई दिनों तक बंद रहने से कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उनका कहना है कि उनकी रोजी-रोटी इसी पर निर्भर थी और अब यह स्पष्ट नहीं है कि हालात सामान्य होने में कितना समय लगेगा।

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