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Bundi News: बूंदी में वंदे भारत एक्सप्रेस के ठहराव की खुशी, ट्रेन के आते ही फूल बरसाकर किया गया स्वागत

Mon, 02 Sep 2024 10:02 PM IST
कोटा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बूंदी

सार

बूंदी रेलवे स्टेशन पर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के प्रथम आगमन पर जनप्रतिनिधियों और शहरवासियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। फूल बरसाकर और लोको पायलेट का सम्मान करते हुए, भाजपा नेताओं और स्थानीय नागरिकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना की। विधायक अशोक डोगरा ने इसे बूंदी के पर्यटन विकास में मील का पत्थर बताया, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।
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बूंदी स्टेशन की सीमा में प्रवेश करते ही शुरू हुआ स्वागत। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का बूंदी में ठहराव होने के बाद पहली बार बूंदी रेलवे रेलवे स्टेशन आगामन पर जनप्रतिनिधियों एवं शहरवासियों ने गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। ट्रेन के बूंदी स्टेशन पर पहुंचते ही फूल बरसाकर स्वागत किया। स्वागत समारोह में वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन परिचालन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यों की भी खूब सराहना हुई। बूंदी रेलवे स्टेशन पर नगर परिषद सभापति सरोज अग्रवाल, पूर्व विधायक अशोक डोगरा, जिलाध्यक्ष सुरेश अग्रवाल, पूर्व जिला प्रमुख राकेश बोयत सहित जनप्रतिनिधियों ने वंदे भारत ट्रेन की अगवानी की।
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यहां उदयपुर से चलकर वंदे भारत ट्रेन ने जैसे ही बूंदी स्टेशन की सीमा मे प्रवेश किया लोगो के चेहरों पर मुस्कान दौड़ गई। ट्रेन के ठहराव की खुशी साफ झलक रही थी। ट्रेन के पहली बार शहर के रेलवे स्टेशन पर ठहराव होने पर भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेश अग्रवाल, विधायक अशोक डोगरा सहित कई पदाधिकारी लोक पायलेट और स्टाफ का स्वागत करने पहुंचे। इस दौरान लोको पायलेट का साफा बंधवाकर मुंह मीठा कराया। विधायक डोगरा ने कहा कि ट्रेन का ठहराव बूंदी के पर्यटन के विकास मे मील का पत्थर साबित होगा।

शैल चित्र ओर स्थापत्य कला के लिए प्रसिद्ध
बूंदी पौराणिक व ऐतिहासिक दृष्टि से काफी समृद्ध मानी जाती है। यहां के महल बावड़ियां, शैल चित्र ओर बूंदी शैली की पेटिंग विश्व स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान रखती हैं। बूंदी क्षेत्र में सबसे बड़ी राक पेटिंग साइट स्थित है, जहां देश व विदेश से स्कालर व पर्यटक आते हैं। वहीं यहां की कलात्मक बावड़ियां जग प्रसिद्ध हैं। बूंदी की चित्र शैली शोध करने वालो के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।हाल ही में बूंदी में 23 सौ साल पुराने कृष्ण बलराम ओर उनके परिवार के सदस्यो के शैल चित्र मिलने से काफी चर्चा में हैं। इसको पुरातत्व विभाग ने भी प्रमाणित किया है। राज्य सरकार ने हाल ही में कृष्ण गमन पथ की घोषणा से भी बूंदी के पर्यटन को गति मिलेगी। इनमें वंदे भारत ट्रेन मददगार बनेगी।
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स्पीकर के प्रयास से हुआ ठहराव
रेलवे ने जुलाई में जयपुर और उदयपुर के बीच संचालित वंदे भारत ट्रेन के परिचालन में परिवर्तन करते हुए इसे सप्ताह में तीन दिन उदयपुर से आगरा वाया कोटा के मध्य नए रूट से संचालन करने का निर्णय लिया था। कोटा और बूंदी के बीच कम दूरी होने के कारण पूर्व में तय रूट में बूंदी को शामिल नहीं किया गया था। बीते दिनों वंदे भारत ट्रेन के बूंदी में ठहराव को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से वार्ता की थी। शुक्रवार को रेलवे द्वारा वंदे भारत ट्रेन के बूंदी में ठहराव की घोषणा से क्षेत्रवासियों में हर्ष का माहौल है।

संशोधित समय सारिणी जारी होगी
बूंदी में ठहराव घोषित होने के बाद रेलवे जल्द नई समय सारिणी जारी करेगा। वंदे भारत उदयपुर और आगरा के बीच सोमवार, गुरुवार और शनिवार को चलेगी। उदयपुर-आगरा के बीच ट्रेन राणा प्रताप नगर, मावली जंक्शन, चंदेरिया, बूंदी, कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी में भी ट्रेन के ठहराव घोषित हुए हैं। रेलवे ने ऑफलाइन और ऑनलाइन टिकट बुकिंग भी शुरू कर दी है। उदयपुर से आगरा का एसी चेयर कार का किराया 1615 और एग्जीक्यूटिव क्लास का किराया 2945 रुपए तय किया गया है।
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बड़े पर्यटन केंद्रों से जुड़ेगा बूंदी
वंदे भारत ट्रेन के ठहराव से बूंदी देश के दो सबसे बड़े पर्यटन केंद्र उदयपुर और आगरा से भी जुड़ जाएगा। देश-विदेश से आने वाले सैलानियों को कोटा और बूंदी की सीधे कनेक्टिविटी मिलने से हाड़ौती के पर्यटन को नई संजीवनी मिलेगी। हैरिटेज टूरिज्म के रूप में ऐतिहासिक किले, बावड़िया, कलाकृतियों के अलावा पर्यटक यहां रिलीजियस टूरिज्म और वन्यजीव इको टूरिज्म का भी भरपूर आनंद ले सकेंगे।
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