कोटा में पढ़ाई का बेहतर माहौल बनाने के लिए हाल ही जिला प्रशासन कोटा केयर्स अभियान को लेकर बैठक ली। बैठक में कोचिंग छात्रों के लिए ऑटो किराया निर्धारित किया। कोचिंग छात्रों के लिए ऑटो में सफर करने के लिए अधिकतम किराया 20 रुपये प्रति किलोमीटर रहेगा। लेकिन अब जिला प्रशासन द्वारा तय दर की संवैधानिक वैधता पर भी सवाल उठने लगे हैं। ऑटो परिवहन में सुधार को लेकर जनवरी 2024 में कोटा की अदालत में अधिवक्ता सुजीत स्वामी ने एक जनहित याचिका लगाई गई थी। जिसमें बताया था कि ‘स्टेज, काॅन्ट्रैक्ट और गुड कैरिज का राज्य में न्यूनतम एवं अधिकतम किराया तय करने का अधिकार राज्य सरकार के पास है।
प्रदेश के परिवहन विभाग ने राज्यपाल के आदेश से 13 जुलाई 2013 को अधिसूचना जारी कर ऑटो रिक्शा का किराया तय किया था। इसमें एक किलोमीटर तक के लिए कम से कम किराया 15 रुपये और उसके बाद प्रत्येक किलोमीटर के लिए 9 रुपये, वेटिंग टाइम के लिए 50 पैसे प्रति मिनट था। 27 फरवरी को कोटा केयर्स अभियान के तहत हुई बैठक में ऑटो रिक्शा के जरिए जो तय किया गया है। उस पर कई सवाल खडे़ होते हैं। सरकार की ओर से इस संबंध में कोई भी नया नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है। हैरानी की बात है कि बैठक में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने कोई आपत्ति नहीं जताई है।
नई दर के मुताबिक ऑफलाइन ऑटो ड्राइवर अब 20 रुपये प्रति किलोमीटर चार्ज करेंगे, जबकि ऑनलाइन सर्विस में ये दर सभी शुल्क मिलाकर 15 रुपये प्रति किलोमीटर है। अधिवक्ता सुजीत स्वामी का कहना है कि इस सर्विस के बाद ऑटो कैब बुकिंग में बड़ी परेशानी भी देखने को मिलेगी। तो वहीं क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी मनीष शर्मा का कहना है कि सरकार की ओर से नया नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है, लेकिन कोटा में कोचिंग छात्रों की परेशानियों के समाधान के लिए इस विषय पर चर्चा की गई थी और छात्रों के लिए ही ऑटो किराया निर्धारित किया है।